वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि लाइफ इंश्योरेंस कॉर्प (LIC) का IPO अगले वर्ष मार्च तक लाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही उनका कहना था कि इसमें किसी देरी का कारण राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी नहीं होगा। सीतारमण ने बताया कि कंपनी का IPO इसी फाइनेंशियल ईयर में लाने की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि LIC जितने बड़े साइज की कंपनी के लिए इंटरनल वैल्यूएशन की लगभग प्रत्येक वर्ष जरूरत होती है लेकिन यह नहीं किया गया है।
सीतारमण का कहना था कि लगभग 65 वर्ष पुरानी इस इंश्योरेंस कंपनी की वैल्यू कभी नहीं लगने के कारण इस प्रक्रिया में समय लगेगा।
सरकार की पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी में हिस्सेदारी बेचने की योजना थी लेकिन कोरोना के कारण इस प्रक्रिया में रुकावट आ गई थी।
कंपनी के पास 511 अरब डॉलर से अधिक के एसेट्स हैं, जो देश की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के साइज के बराबर है।
देश में इंश्योरेंस मार्केट के लगभग दो-तिहाई हिस्से पर LIC का कब्जा है। कंपनी में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर केंद्र सरकार लगभग 10 लाख करोड़ रुपये तक जुटाना चाहती है। अगर सरकार इसमें 5 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेचती है तो यह देश का सबसे बड़ा IPO होगा।
सरकार की योजना IPO से पहले कंपनी में विदेशी इनवेस्टर्स को निवेश की अनुमति देने की भी है।