भारत में अभी क्रिप्टो करेंसी (Crypto currency) के कारोबार को लेकर नियम-कानून और नीतियां स्पष्ट नहीं है, फिर भी इंडियन बैंक यूनाइटेड मल्टीस्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी (Indian bank United Multistate Credit Co. Operative Society) ने भारत में क्रिप्टो करेंसी और क्रिप्टो करेंसी प्रोडक्ट्स के कारबार में कदम रखने का फैसला किया है। इंडियन बैंक यूनाइटेड भारत में अपने ग्राहकों को ऑनलाइन क्रिप्टो करेंसी बैंकिंग सर्विस देगी।
साथ ही बैंक देश के अपने सभी 34 ब्रांचों में भी इस सेवा की शुरुआत करेगी। इसके लिए इंडियन बैंक यूनाइटेड (Indian bank United) ने क्रिप्टो बैंकिंग सर्विस प्रोवाइडर काशा (Cashaa) के साथ ज्वाइंट वेंचर शुरू किया है जिसका नाम यूनिकस (UNICAS) रखा है। UNICAS के जरिये ही बैंक भारत में क्रिप्टो करेंसी का कारोबार करेगी।
बैंक ने क्रिप्टो करेंसी बैंकिंग सर्विस शुरू करने का फैसला ऐसे समय में किया है जब भारत में इसे लेकिन नियम-कानून स्पष्ट नहीं हैं। रिजर्व बैंक ने भारत में क्रिप्टो करेंसी के कारोबार पर बैन लगा दिया था, जिसे मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया। यानी भारत में अब क्रिप्टो करेंसी खरीदने और बेचने का कारोबार किया जा सकता है। इसके बावजूद देश के बैंकों ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
कस्टमर्स को मिलेंगी ये सुविधाएं
UNICAS इंडियन बैंक यूनाइटेड के अकाउंट होल्डर्स को अपने बैंक अकाउंट को सीधे क्रिप्टो करेंसी वॉलेट के साथ इंटिग्रेट करने की सुविधा देगी। इससे कस्टमर सीधे अपने बैंक अकाउंट से कैश देकर बिटक्वाइन (Bitcoin- BTC), इथर (Ether- ETH), रिप्पल (Ripple- XRP) और काशा (Cashaa- CAS) जैसी क्रिप्टो करेंसी खरीद सकेंगे। इसके अलावा इंडियन बैंक यूनाइटेड के अकाउंट होल्डर्स क्रिप्टो करेंसी के एवज में लोन (Loan) भी ले सकेंगे। Cashaa के सीईओ कुमार गौरव ने कहा कि भारत मे क्रिप्टो करेंसी का चलन बढ़ा है, इसी वजह से हमने इंडियन बैंक यूनाइटेड के साथ UNICAS शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि भारत में कई क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज ने 200% से 400% की वृद्धि दर्ज की गई है।
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