डायवर्सिफाइड बिजनेस से जुड़ी ITC का मार्च क्वार्टर में स्टैंडअलोन प्रॉफिट वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 1.3 प्रतिशत कम रहा। कंपनी के प्रॉफिट पर टैक्स की अधिक कॉस्ट का असर पड़ा है। कंपनी ने 3,748.4 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 3,797 करोड़ रुपये था।
चौथे क्वार्टर में ITC का ऑपरेशंस से स्टैंडअलोन रेवेन्यू (एक्साइज ड्यूटी को छोड़कर) 22.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 13,294.7 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
एक्साइज ड्यूटी को जोड़कर कंपनी का रेवेन्यू वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 24 प्रतिशत बढ़कर 14,156.96 करोड़ रुपये रहा, जो एनालिस्ट्स के अनुमान से अधिक है।
CNBC-TV18 की ओर से लिए गए एनालिस्ट्स के अनुमानों के एवरेज में प्रॉफिट 3,765 करोड़ रुपये और रेवेन्यू (एक्साइज ड्यूटी को छोड़कर) 12,200 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था।
कंपनी के ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस ने एनालिस्ट्स के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया क्योंकि मार्च क्वार्टर में EBITDA 7.4 प्रतिशत बढ़कर 4,473 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 4.8 प्रतिशत घटकर 33.6 प्रतिशत रह गया। CNBC-TV18 की ओर से किए गए एनालिस्ट्स के पोल में EBITDA का अनुमान 4,585 करोड़ रुपये और मार्जिन का 37.6 प्रतिशत था।
कंपनी के बोर्ड ने 5.75 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है।