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जेट एयरवेज फिर भरेगी उड़ान! NCLT ने कालरॉक-जालान कंसोर्शियम का प्रपोजल पास किया

जेट एयरवेज को पहले वाले स्लॉट नहीं मिलेंगे, उसे नया स्लॉट मिलने में वक्त लग सकता है
अपडेटेड Jun 23, 2021 पर 09:26  |  स्रोत : Moneycontrol.com

नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) ने 22 जून को जेट एयरवेज के लिए कालरॉक-जालान के कंसोर्शियम के रेज्योलूशन प्लान को मंजूरी दे दी है। हालांकि इस मंजूरी के साथ कुछ शर्तें भी जुड़ी हुई हैं।


CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेट एयरवेज को स्लॉट मुहैया कराने के लिए डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविशएशन (DGCA) और मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन (MCA) को 22 जून से 90 दिनों का वक्त दिया गया है।


कंपनी के स्लॉट पर सिविल एविएशनल रेगुलेटर आखिरी फैसला लेगा।


जेट एयरवेज के इनसॉल्वेंसी रेज्योलूशन प्रोफेशनल (IRP) आशीष छावछरिया ने CNBC-TV18 को बताया कि वह NCLT के फैसले से खुश हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस बात की कोई वजह नहीं है कि DGCA अब NCLT के फैसले को चुनौती देगा।


एक सरकारी अधिकारी ने न्यूज चैनल को बताया कि DGCA और सिविल एविएशन मिनिस्ट्री स्लॉट पर आखिरी फैसला लेने से पहले आदेश पर बारीकी से गौर करेगी। जेट एयरवेज के स्लॉट पर फैसला लेने में अभी वक्त लगेगा। 


जेट एयरवेज का कामकाज अप्रैल 2019 में बंद हुआ था। उस वक्त कंपनी के पास जो स्लॉट थे वह दूसरी एयरलाइन कंपनियों को अलॉट कर दिया गया था।


अक्टूबर 2020 में मुरारी लाल जालान और कालरॉक कैपिटल के ग्रुप ने मिलकर जेट एयरवेज के लिए बोली लगाई। इसके बाद जेट एयरवेज के दोबारा उड़ने की उम्मीद शुरू हुई।


DGCA और सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने हाल ही में बैंकरप्सी कोर्ट में एक हलफनामा दायर करके कहा था कि जेट एयरवेज यह दावा नहीं कर सकती कि उसके पास पहले जो स्लॉट थे वही दोबारा दिए जाएं। उसे नए स्लॉट का आवंटन मौजूदा गाइडलाइंस के जरिए किया जाएगा।


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