दिवालिया हो चुकी एयरलाइन जेट एयरवेज पर इसके एंप्लॉयीज के 3 लाख रुपये से लेकर 85 लाख रुपये तक बकाया हैं। इन एंप्लॉयीज को कंपनी के नए मालिकों कार्लरॉक-जालान की ओर से दिए गए रिजॉल्यूशन प्लान से झटका लगा है जिसमें प्रत्येक एंप्लॉयी को लगभग 23,000 रुपये का भुगतान करने की पेशकश की गई है।
नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) की ओर से हाल ही में रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दी गई है। इसके तहत, अगले तीन महीनों में एंप्लॉयीज में से 95 प्रतिशत के प्लान को सहमति देने पर भुगतान किया जाएगा। इसमें ग्रेच्युटी जैसे वैधानिक बकाया पर कोई जानकारी नहीं है और न ही वेतन की बकाया रकम के बारे में कुछ कहा गया है।
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इससे जेट एयरवेज के एंप्लॉयीज के लिए स्थिति जटिल हो गई है।
ऑल इंडिया जेट एयरवेज ऑफिसर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, किरण पावसकर ने बताया, "जेट ने एंप्लॉयीज से रिजॉल्यूशन प्लान के लिए हां या ना में वोट देने को कहा है। प्लान में प्रत्येक एंप्लॉयी की बकाया राशि का लगभग 0.5 प्रतिशत देने की पेशकश की गई है। अगर इस मुद्दे का समाधान नहीं होता तो हम इसे कोर्ट में चुनौती देंगे।"
एसोसिएशन ने हाल ही में सिविल एविएशन मिनिस्टर, लेबर मिनिस्टर और रीजनल लेबर कमिश्नर को इस बारे में एक पत्र लिखा है।
जेट एयरवेज पर इसके क्रेडिटर्स के लगभग 15,400 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसमें से 1,254 करोड़ रुपये बकाया वेतन और ग्रेच्युटी के तौर पर एंप्लॉयीज और वर्कर्स के हैं।
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