ओला ई-स्कूटर का ब्रेक लगाते ही हुआ बड़ा हादसा, जानिए क्या है पूरा मामला

बलवंत सिंह नाम ने इस एक्सिडेंट के बारे में कई ट्वीट किए हैं। उन्होंने बताया है कि स्पीड-ब्रेकर पर व्हीकल की स्पीड कम करने के लिए ब्रेक लगाया जाता है। ओला का ई-स्कूटर चला रहे उनके बेटे ने स्पीड ब्रेकर पर ब्रेक लगाया। लेकिन, स्कूटर की स्पीड कम होने की बजाय बढ़ गई। इससे बड़ा हादसा हो गया

अपडेटेड Apr 23, 2022 पर 12:20 PM
इससे पहले ओला के ई-स्कूटर में आग लगने के मामले आ चुके हैं। इससे इस स्कूटर की सेफ्टी को लेकर सवाल बढ़ने लगे हैं।

ओला (Ola) के ई-स्कूटर (Ola E-Scooter) के खिलाफ शिकायत बढ़ रही है। अब इसके ब्रेक से जुड़ी शिकायत सामने आई है। एक कस्टमर ने ट्विटर पर अपने बेटे के साथ हुए एक्सिडेंट के बारे में बताया है। कस्टमर का नाम बलवंत सिंह है। उनका बेटा ओला का ई-स्कूटर चला रहा था। इससे पहले ओला के ई-स्कूटर में आग लगने के मामले आ चुके हैं। इससे इस स्कूटर की सेफ्टी को लेकर सवाल बढ़ने लगे हैं।

बलवंत सिंह ने इस एक्सिडेंट के बारे में कई ट्वीट किए हैं। उन्होंने बताया है कि स्पीड-ब्रेकर पर व्हीकल की स्पीड कम करने के लिए ब्रेक लगाया जाता है। ओला का ई-स्कूटर चला रहे उनके बेटे ने स्पीड ब्रेकर पर ब्रेक लगाया। लेकिन, स्कूटर की स्पीड कम होने की बजाय बढ़ गई। इससे बड़ा हादसा हो गया। उनके बेटे का दाहिना हाथ टूट गया। उसके बाया हाथ पर सोलह टांके लगाने पड़े।

यह भी पढ़ें : 75% म्यूचुअल फंडों के पास 5% से कम है कैश में होल्डिंग, जानिए कहां है फंड मैनेजरों की नजर: मनीकंट्रोल फंड मैनेजर पोल


बलवंत के हादसे वाले ट्वीट के हफ्ते बाद इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया आई हैं। उधर, ओला ने अपने जवाब में कहा है कि राइडर ज्यादा स्पीड में स्कूटर चला रहा था। उसने हादसे के वक्त की स्कूटर की टेलीमीट्री जारी की है, जिसमें स्कूटर में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं दिख रही है।

स्पीड ट्रेस में यह पाया गया है कि हादसा से 25 मिनट पहले राइडर ने ई-स्कूटर की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटे से ऊपर पहुंचा दी थी। उसने कम से कम पांच बार ऐसा किया था। इस रिपोर्ट में यह भी दिखा है कि स्कूटर ने 115 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड भी पकड़ी थी।

स्कूटर गिरने के बारे में ओला ने कहा है कि टेलीमीट्री से पैनिक ब्रेकिग सिचुएशन के बारे में पता चलता है, जिसमें करीब 80 किमी प्रति घंटा की स्पीड में तीनों ब्रेक (फ्रंट, बैंक और रिजेनेरेटिव) इनिशिएट हो गए। उसने कहा है कि ब्रेकिंग के बाद किसी तरह का सडेन टॉर्क या एक्सिलेरेशन नहीं था। उसने यह भी कहा है कि ई-स्कूटर में किसी तरह की खराबी नहीं है।

कंपनियां ई-व्हीकल मार्केट में पैठ बनाने की कोशिश कर रही हैं। उन्हें लग रहा है कि आने वाला वक्त ई-व्हीकल का है। लेकिन व्हीकल के सेफ्टी को लेकर कस्टमर की शिकायतों से उनकी कोशिश नाकाम हो सकती है। ओला के ई-स्कूटर की बैट्री को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।