Intelliswift के अधिग्रहण से कंपनी की AI में पकड़ होगी मजबूत, आगे भी खरीद सकते हैं ऐसे एसेट- LTTS के MD & CEO अमित चड्ढा

LTTS के MD & CEO अमित चड्ढा ने कैलिफोर्निया की सॉफ्टवेयर फर्म Intelliswift के अधिग्रहण पर कहा ये डील 11 करोड़ डॉलर में होने की उम्मीद है। कंपनी की इस डील से AI में पकड़ मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि हम इसके आगे भी ऑर्गेनिक ग्रोथ के साथ अधिग्रहण के मौके भी देखेंगे। फिलहाल ये डील अगले साल के जनवरी महीने में पूरी हो जाने की उम्मीद है

अपडेटेड Nov 12, 2024 पर 1:36 PM
Intelliswift के अधिग्रहण की खबर से LTTS के शेयर में तेजी नजर आई। दोपहर 1 बजे के दौरान ये 4 परसेंट से ज्यादा चढ़कर 5322 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया

LTTS Share Price: एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेस (L&T Technology Services) के शेयर में आज अच्छी तेजी दिख रही है। शेयर में 4 परसेंट से ज्यादा की तेजी नजर आई। दरअसल कैलिफोर्निया की सॉफ्टवेयर फर्म Intelliswift को LTTS खरीदने वाली है। ये डील $110 मिलियन में होने की उम्मीद है। डील से कंपनी की AI में पकड़ मजबूत होगी। इस डील पर ज्यादा डिटेल के लिए हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ के साथ बातचीत करते हुए LTTS के MD & CEO अमित चड्ढा ने कहा कि हम इसके आगे भी ऑर्गेनिग ग्रोथ के साथ अधिग्रहण के मौके भी देखेंगे। इसके आगे भी अच्छे एसेट का अधिग्रहण कर सकते हैं। फिलहाल इस डील पर उन्होंने कहा कि ये डील अगले साल के जनवरी महीने में पूरी हो जाने की उम्मीद है। Intelliswift के अधिग्रहण से कंपनी के ग्रोथ को बूस्ट मिलेगा।

Intelliswift के भारत में 100 कर्मचारी

LTTS के MD&CEO अमित चड्ढा ने कहा कि ER&D का 80 अरब डॉलर का ग्लोबल कारोबार है। सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट इंजीनियरिंग में 40% से ज्यादा आउटसोर्सिंग होती है। सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट इंजीनियरिंग में सबसे ज्यादा ग्रोथ की संभावना है। Intelliswift एक कैलिफोर्निया की कंपनी है। ये सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट डेवलपमेंट में कारोबार करती है। Intelliswift के कैलिफोर्निया में 500 कर्मचारी है जबकि भारत में 1000 कर्मचारी हैं। हाईटेक इंडस्टी से कंपनी की 50% आय होती है। फिनटेक और रिटेल से बाकी 50% आय होती है। उन्होंने कहा कि Intelliswift के अधिग्रहण से हमारी कंपनी के ग्रोथ को बूस्ट मिलेगा। डील से कंपनी की AI में पकड़ मजबूत होगी।


कितनी enterprise value पर ये डील हुई है और क्या ये पूरी तरह से cash deal है?

अमित चड्ढा ने कहा कि Intelliswift का रेवेन्यू 10 करोड़ डॉलर है। ये डील 11 करोड़ डॉलर के इंटरप्राइज वैल्यू पर हुई है। Intelliswift के साथ पूरी तरह से कैश डील हुई है। हमे लगता है कि जनवरी तक डील पूरी हो जाने की उम्मीद है।

क्या आगे आप और AI बेस्ड ACQUISITIONS करेंगे? इसके लिए क्या लक्ष्य तय किया है?

इसके जवाव में कंपनी के सीईओ ने कहा कि हम इसके आगे ऑर्गेनिग ग्रोथ के साथ अधिग्रहण के मौके भी देखेंगे। कंपनी इसके आगे भी अच्छे एसेट का अधिग्रहण कर सकती है। अधिग्रहण के लिए बैलेंसशीट में पर्याप्त नकदी मौजूद है। अधिग्रहण से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, फिन टेक स्पेस में हमारी ग्रोथ बढ़ेगी।

 

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