अदाणी ग्रुप का कहना है कि उसके पास 30 महीने से भी ज्यादा के कर्ज के भुगतान के लिए कैश मौजूद है। ग्रुप ने अपने इस बयान के जरिये लिक्विडिटी संबंधी जोखिम से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है। दरअसल, भारतीय कारोबारी ग्रुप अपनी फ्लैगशिप यूनिट के लिए फंड जुटाने की योजना पर विचार कर रहा है।
जाने-माने उद्यमी गौतम अदाणी की अगुवाई वाले इस ग्रुप ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का कैश बैलेंस उसके ग्रॉस डेट का 24.8 पर्सेंट था, जबकि एक साल पहले यह बैंलेंस ग्रॉस डेट का 17.7 पर्सेंट था। जून तिमाही में इस कारोबारी ग्रुप का इबिट्डा (Ebitda) 33 पर्सेंट बढ़कर 225.70 (2.7 अरब डॉलर) रुपये रहा।
ग्रुप की फ्लैगशिप फर्म अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Ltd.) शेयरों की बिक्री के जरिये 100-120 अरब रुपये जुटाने की तैयारी में है। हाल में कंपनी का एनर्जी ट्रांसमिशन यूनिट ने तकरीबन 1 अरब डॉलर जुटाया है। इस तरह की फाइनेंसिंग और कैस फ्लो की बेहतरी से अदाणी ग्रुप को निवेशकों का भरोसा वापस लौटाने में मदद मिलेगी।
अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने 2023 के शुरू में ग्रुप की कंपनियों पर फर्जीवाड़े में शामिल होने और कॉरपोरेट गड़बड़ियों को अंजाम देने का आरोप लगाया था। इन आरोपों के बाद कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली थी और ग्रुप की मार्केट वैल्यू को काफी नुकसान पहुंचा था। हालांकि, अदाणी ग्रुप ने सिरे से इन आरोपों को खारिज किया है।
जून 2024 तिमाही के आखिर में अदाणी ग्रुप का कुल कर्ज 2.41 लाख करोड़ रुपये था।