वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया को 3587 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया को 56 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया को 3587 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया को 56 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज आय 11.9 फीसदी बढ़कर 3187 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज आय 2847 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही दर तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया का ग्रॉस एनपीए 9.18 फीसदी से बढ़कर 13.07 फीसदी रहा है। तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया का नेट एनपीए 5.25 फीसदी से बढ़कर 7.79 फीसदी रहा है।
रुपये में एनपीए पर नजर डालें तो तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया का ग्रॉस एनपीए 36519 करोड़ रुपये से बढ़कर 49879 करोड़ रुपये रहा है। तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया का नेट एनपीए 19978 करोड़ रुपये से बढ़कर 27996 करोड़ रुपये रहा है।
तिमाही आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की प्रोविजनिंग 3604 करोड़ रुपये से बढ़कर 5470 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में बैंक ऑफ इंडिया की प्रोविजनिंग 2256 करोड़ रुपये रही थी।
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