पब्लिक सेक्टर की बैंक केनरा बैंक (Canara Bank) ने वित्त वर्ष 2020-21 की अंतिम तिमाही में मार्केट एक्सपर्ट्स के सभी अनुमानों को खारिज करते हुए जबरदस्त मुनाफा कमाया। Q4 में बैंक का नेट प्रॉफिट 1010 करोड़ रुपये रहा जो विशेषज्ञों के अनुमान से काफी अधिक है। लेकिन बैंक के बढ़ते NPA के कारण आज बैंक के शेयर स्टॉक मार्केट में 4% से अधिक टूट गए।
Canara Bank के शेयर आज NSE पर 4.20% की गिरावट के साथ 147.05 रुपये पर बंद हुए, जबकि सोमवार को इसके शेयर 153.50 रुपये पर बंद हुए थे। बैंक के शेयर आज तेजी के साथ 155.90 रुपये पर खुले, लेकिन बैंक के Q4 के नतीजों के बाद बढ़े हुए NPA के कारण इसके शेयर में तेज गिरावट आई।
मार्च तिमाही में बैंक की ऐसेट क्वालिटी में कोई सुधार नहीं हुआ, जबकि इसके लोन बुक पर स्ट्रेस और बढ़ गया। बढ़े हुए NPA की वजह से बैंक को अपने ऑपरेटिंग प्रॉफिट का एक बड़ा हिस्सा प्रोविजंस (provisions) के तौर पर रखना पड़ा, जिससे इसका मुनाफा प्रभावित हुआ।
इसी वजह से आज बैंक के शेयर में यह गिरावट आई, जबकि आज निफ्टी बैंक (Nifty Bank) 463.15 यानी 1.38% की तेजी के साथ 33,922.40 अंकों पर बंद हुआ, जबकि Nifty PSU Bank इंडेक्स में 1.27% यानी 29 अंकों की गिरावट आई और यह 2248.70 अंकों पर बंद हुआ।
Canara Bank के नेट प्रॉफिट में इतनी जबरदस्त बढ़ोतरी बैंक के अन्य श्रोतों के इनकम में आई जबरदस्त तेजी के कारण आई। केनरा बैंक का फ्रेश स्लीपेज 4 में 14,495 करोड़ रुपये रहा। इस तिमाही बैंक के लोन में सबसे अधिक डिफॉल्ट हुआ। इस वजह से बैंक का NPA बढ़कर उसके कुल लोन बुक का 8.93% हो गया।
बैंक को सबसे बड़ा झटका उसके द्वारा दिए गए कॉर्पोरेट लोन पर लगा और उसके 11% लोन बैड लोन साबित हुए। इतना ही नहीं, MSMEs को दिया गया 13.78% लोन स्पीपेज हुआ। इसके अलावा बैंक का 2.17% लोन का रीपेमेंट 30 दिनों से अधिक से ओवरड्यू है, जिससे इसके ऐसेट क्वालिटी में और गिरावट आई।
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