Adani Wilmar Q3 Result : अडानी ग्रुप की FMCG कंपनी अडानी विल्मर (Adani Wilmar) ने आज 8 फरवरी को वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 16 फीसदी बढ़ा है और यह 246 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 211 करोड़ का मुनाफा हुआ था। वहीं, कंपनी के ऑपरेशन से होने वाले कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में भी 7 फीसदी का उछाल देखने को मिला है और यह 15,438 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 14,370.92 करोड़ रुपये था। अडानी विल्मर के शेयरों में आज 5 फीसदी की तेजी देखने को मिली है और यह 418.80 रुपये प्रति शेयर के भाव पर पहुंच गया है।
कैसे रहे कंपनी के तिमाही नतीजे
तिमाही के दौरान एडिबव ऑयल से कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 4 फीसदी बढ़कर 12,581 करोड़ रुपये रहा। फूड और FMCG से राजस्व सालाना आधार पर 45 फीसदी बढ़कर 1,002 करोड़ रुपये हो गया है। इंडस्ट्री एसेंशियल से होने वाली आय सालाना आधार पर 18 फीसदी बढ़कर 1,837 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। FY23 की तीसरी तिमाही में EBITDA 20% उछलकर 605 करोड़ रुपये हो गया, जो कि Q3 FY22 में 504 करोड़ रुपये था।
FY22 की तीसरी तिमाही में रिपोर्ट किए गए 1.27 MMT की तुलना में वित्त वर्ष 23 की Q3 में वॉल्यूम 16% बढ़कर 1.47 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) हो गया। तीसरी तिमाही में एडिबल ऑयल का वॉल्यूम 0.96 MMT (9% की वृद्धि), फूड और FMCG का वॉल्यूम 0.22 FMCG (26% की वृद्धि) और इंडस्ट्री एसेंशियल का वॉल्यूम 0.29 MMT (38% की वृद्धि) हो गया है।
फूड और एफएमसीजी सेगमेंट कंपनी के लिए आउटपरफॉर्मर रहा। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 23 के पूरे वर्ष के लिए यह सेगमेंट 4,000 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करेगा। एडिबल ऑयल सेगमेंट में 'फॉर्च्यून' ब्रांड ने अपनी बाजार हिस्सेदारी 19.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 19.5 प्रतिशत कर ली। इंडस्ट्री एसेंशियल सेगमेंट में, अडानी फर्म ने भारत से castor के तेल के निर्यात में अपनी बाजार हिस्सेदारी 32 प्रतिशत तक बढ़ा ली है। अदानी विल्मर के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अंग्शु मल्लिक ने कहा, "हम रीजन स्पेसिफिक प्रोडक्ट्स, रेडी-टू-कुक प्रोडक्ट्स और कैटेगरी के साथ अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार कर रहे हैं। कंपनी अपने इंडस्ट्री के जरूरी बिजनेस के आगे इंटीग्रेशन में अच्छी प्रगति कर रही है, जिसके चलते स्पेशलिटी केमिकल की बिक्री में वृद्धि हुई है, इसके अलावा क्षमता विस्तार से बेसिक oleochemicals में वृद्धि हुई है।"