Bharti Airtel Q2 Result: भारती एयरटेल (Bharti Airtel) ने सितंबर में समाप्त तिमाही के लिए आज यानी कि 31 अक्टूबर को अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिये। दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 1340.7 करोड़ रुपये रहा। जबकि पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 2,145.2 करोड़ रुपये रहा। दूसरी तिमाही के मुनाफे में सालाना आधार पर 37.50 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। टेलीकॉम सेक्टर की दूरसंचार सेवा प्रदान करने वाली दिग्गज कंपनी ने कहा कि ऑपरेशंस से उसका रेवन्यू 37,043.8 करोड़ रुपये रहा। इसमें 7.28 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का रेवन्यू 34,526.8 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी की तिमाही नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे।
मनीकंट्रोल (Moneycontrol) द्वारा कराए गए ब्रोकरेज के एक सर्वेक्षण के अनुसार Bharti Airtel को सितंबर में समाप्त तिमाही के लिए 38,259 करोड़ रुपये का रेवन्यू मिलने की उम्मीद थी। इसमें 10.8 प्रतिशत का इजाफा दिखने की उम्मीद थी। दूसरी तिमाही में EBITDA सालाना आधार पर 13.4 प्रतिशत बढ़कर 19,956.6 करोड़ रुपये होने की उम्मीद थी। ब्रोकरेजेज को उम्मीद थी ARPU तिमाही-दर-तिमाही 1.6 प्रतिशत से 2.2 प्रतिशत के बीच बढ़ेगा।
कंपनी ने नतीजे जारी करते हुए कहा कि दूसरी तिमाही में EBITDA 17,721.2 करोड़ रुपये से 10.96 प्रतिशत बढ़कर 19,665 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि मार्जिन में गिरावट नजर आई। EBITDA मार्जिन 20 बेसिस प्वाइंट घटकर 53.1 प्रतिशत हो गई। एनालिस्ट के अनुमान के मुताबिक, EBITDA सालाना आधार पर 13.4 प्रतिशत बढ़कर 19,956.6 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद थी।
दूसरी तिमाही के लिए मोबाइल, होम सर्विसेस और डिजिटल टीवी सर्विसेस सेगमेंट सहित भारतीय कारोबार में कंपनी का रेवन्यू 26,994,7 करोड़ रुपये रहा। इसमें पिछले साल की समान तिमाही के रेवन्यू 24,333.3 करोड़ रुपये की तुलना में 10.9 प्रतिशत की वृ्द्धि देखने को मिली।
सितंबर तिमाही के दौरान मोबाइल रेवन्यू 20,952.1 करोड़ रुपये रहा। जिसमें सालाना 11 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी नजर आई है। तिमाही के लिए EBITDA सालाना 9,873.6 करोड़ रुपये की तुलना में 11,503.9 करोड़ रुपये रहा। जबकि EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 260 बेसिस प्वाइंट के सुधार के साथ 54.9 प्रतिशत रही।
कंपनी के मोबाइल ग्राहकों की संख्या दूसरी तिमाही के दौरान 4.4 प्रतिशत बढ़कर 34.23 करोड़ हो गई। तिमाही के दौरान वॉयस ट्रैफिक में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत का इजाफा नजर आया। जबकि डेटा ट्रैफिक में सालाना आधार पर 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी देखने को मिली।
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)