वित्त वर्ष 2023 में ब्लिनकिट (Blinkit) का ऑपरेशनल रेवेन्यू 207 पर्सेंट बढ़कर 724 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट लॉस भी बढ़कर 1,190 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल जोमैटो (Zomato) द्वारा कंपनी का अधिग्रहण किए जाने के बाद पहली बार कंपनी की परफॉर्मेंस के सालाना आंकड़े आए हैं। वित्त वर्ष 2022 में ब्लिनकिट (ग्रोफर्स) का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 236 करोड़ रुपये और नेट लॉस 1,021 करोड़ रुपये था।
वित्त वर्ष 2023 में डिलीवरी से संबंधित कंपनी का खर्च 140 पर्सेंट बढ़कर 566 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2022 में 236 करोड़ रुपये था। क्विक कॉमर्स मॉडल वाली यह कंपनी ज्यााद डिलीवरी राइडर्स पर निर्भर है। हालांकि, यह कंपन छोटी दूरी वाली डिलीवरी पर फोकस करती है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का एंप्लॉयी खर्च 14 पर्सेंट बढ़कर 311 करोड़ रुपये हो हो गया, जबकि फाइनेंस कॉस्ट 168 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 110 करोड़ रुपये रहा।
ब्रांड्स द्वारा प्लैटफॉर्म पर विज्ञापन के जरिये कंपनी का रेवेन्यू 124 पर्सेंट बढ़कर 159 करोड़ रुपये रहा, जबकि डिलीवरी सर्विसेज रेवेन्यू 127 पर्सेंट बढ़कर 161 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह, संबंधित अवधि में मार्केटप्लेस कमीशन में 176 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई और यह 405 करोड़ रुपये रहा। जोमैटो ने अगस्त में बताया था कि ब्लिनकिट ने जून और जुलाई में रिकॉर्ड सेल्स हासिल की थी।
जोमैटो के CEO दीपिंदर गोयल ने अगस्त में शेयरधारकों को लिखी चिट्ठी में कहा था, 'मैं अब गर्व के साथ कह सकता है कि कुछ बड़े शहरों में ब्लिनकिट की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू, जोमैटो की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू के बराबर है, जहां दोनों कंपनियों की मौजूदगी है। यह महज शुरुआत है और मुझे भरोसा है कि अब से 10 साल बाद ब्लिनकिट हमारे शेयरहोल्डर्स के लिए जोमैटो से ज्यादा मूल्यवान होंगे।'