देश की दिग्गज FMCG कंपनी ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज (Britannia Industries) ने मार्च तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। जिसके मुताबिक, 31 मार्च 2022 को समाप्त तिमाही में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 5 फीसदी बढ़त के साथ 377.95 करोड़ रुपये पर रहा है जो पिछले साल की इसी अवधि में 360.07 करोड़ रुपये पर रहा था। चौथी तिमाही में कंपनी की आय सालाना आधार पर 15.5 फीसदी की बढ़त के साथ 3,508 करोड़ रुपये पर रही है जो कि पिछले साल की चौथी तिमाही में 3,038 करोड़ रुपये रही थी।
कंपनी के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए मैनेजिंग डायरेक्टर वरुण बेरी (Varun Berry) ने कहा कि इस तिमाही में हमारी आय में 15 फीसदी की मजबूत बढ़त देखने को मिली है। जबकि वॉल्यूम में मिड सिंगल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है जो कि हमारे ब्रांड की मजबूती और सभी क्षेत्रों में हमारे मजबूत कारोबार का संकेत है।
उन्होंने आगे कहा कि हम ग्रामीण बाजार में लगातार अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं। डिजिटल मार्केटिंग के जरिए हमारा इस पर फोकस बना हुआ है। पिछले कुछ सालों के दौरान बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी में बढ़त हमारी इसी कोशिश का नतीजा है।
आज आए नतीजों के मुताबिक, चौथी तिमाही में कच्चे माल पर आई कंपनी की लागत पिछले साल के 1532 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,859 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। बेरी ने आगे कहा कि इस तिमाही के दौरान भारत की इकोनॉमी पर ग्लोबल जियो पॉलिटिकल तनाव का असर देखने को मिला है। इसके चलते महंगाई बढ़ी है। इस चुनौती पूर्ण समय में भी चौथी तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 10 फीसदी बढ़ा है। इसमें अगले दो साल के दौरान 23 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान है। उन्होंने आगे कहा कि महंगाई के बढ़ते दबाव के चलते कंपनी अपने प्रोडक्ट की कीमतें बढ़ाती रही है। लागत घटाने की कोशिशों पर फोकस बनाए हुए है।
बता दें कि कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 50 रुपये 50 पैसे प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड का भी ऐलान किया है।