Dabur Q2 results: सितंबर तिमाही में 3.29% बढ़ा मुनाफा, रेवेन्यू 7.27% उछला

Dabur Q2 results: डाबर इंडिया लिमिटेड ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि सितंबर तिमाही में रेवेन्यू 3,203.84 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की तिमाही में 2,986.49 करोड़ रुपये से 7.27 फीसदी अधिक है। तिमाही आधार पर रेवेन्यू में 2.34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई

अपडेटेड Nov 02, 2023 पर 3:49 PM
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डाबर इंडिया लिमिटेड ने आज 2 नवंबर को मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है।

Dabur Q2 results: डाबर इंडिया लिमिटेड ने आज 2 नवंबर को मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी ने 507.04 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह एक साल पहले की तिमाही में 490.86 करोड़ रुपये के मुनाफे से 3.29 फीसदी अधिक है। वहीं, कंपनी का मुनाफा पिछली तिमाही के 456.61 करोड़ रुपये से 11.04 फीसदी अधिक है। नतीजों के बीच कंपनी के शेयर 2.58 फीसदी बढ़कर 530.30 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे हैं।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

डाबर इंडिया लिमिटेड ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि सितंबर तिमाही में रेवेन्यू 3,203.84 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की तिमाही में 2,986.49 करोड़ रुपये से 7.27 फीसदी अधिक है। तिमाही आधार पर रेवेन्यू में 2.34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान EBITDA 10 फीसदी की वृद्धि के साथ 661 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन एक साल पहले की अवधि के 20.1 फीसदी की तुलना में 20.6 फीसदी पर है।


एचडीएफसी सिक्योरिटीज को उम्मीद थी कि डाबर इंडिया का रेवेन्यू लगभग 3,240 करोड़ रुपये होगा, जो कि तिमाही आधार पर 4 फीसदी और सालाना 9 फीसदी अधिक है। उसे उम्मीद है कि प्रॉफिट ऑफ्टर टैक्स तिमाही आधार पर डबल डिजिट में बढ़कर 510 करोड़ रुपये हो जाएगा।

कंपनी का बिजनेस अपडेट

एक बिजनेस अपडेट में डाबर ने कहा कि उसे इंटरनेशनल बिजनेस और घरेलू खपत में सुधार के कारण दूसरी तिमाही में मिड से हाई सिंगल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है। इसमें कहा गया है कि खपत में सालाना आधार पर सुधार हुआ है। इसका कारण हल्की गर्मी और औसत से थोड़ा कम मानसून है।

कंपनी ने कहा कि साल के अंत में पड़ने वाले त्यौहारी सीजन के कारण भी उठान में देरी होने की आशंका है, जो अगली तिमाही तक बढ़ सकती है। कंपनी को मैक्रो इकोनॉमिक इंडिकेटर में सुधार, बढ़ते सरकारी खर्च और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस के साथ रूरल और अर्बन मार्केट में सुधार की उम्मीद है।

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