Dr Reddy's Q3 results: दिसंबर तिमाही में डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr Reddy’s Laboratories) का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10.6 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 1,378.9 करोड़ रुपये रहा। संबंधित अवधि में कंपनी ने रिकॉर्ड सेल्स हासिल की। मनीकंट्रोल (Moneycontrol) के पोल में 9 ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी का मुनाफा 1,383 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। पिछले साल की इसी तिमाही में हैदराबाद की इस फार्मा कंपनी का नेट प्रॉफिट 1,237.90 करोड़ रुपये था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में 30 जनवरी को कंपनी का शेयर मामूली गिरावट (0.05%) की गिरावट के साथ 5,840.95 रुपये पर बंद हुआ।
मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 6.6 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 7,214.8 करोड़ रुपये रहा। ब्रोकरेज फर्मों के पोल में रेड्डीज लैब का रेवेन्यू 7,030.9 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया था। कंपनी का कहना है कि ग्रोथ की मुख्य वजह नॉर्थ अमेरिका में कंपनी के मौजूदा प्रोडक्ट्स की बेहतर सेल्स और यूरोप में उसकी बेहतर परफॉर्मेंस है।
दिसंबर तिमाही में कंपनी का इबिट्डा (EBITDA) 7.4 पर्सेंट बढ़कर 2210.7 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी का इबिट्डा मार्जिन भी मामूली बढ़ोतरी के साथ 29.3 पर्सेंट हो गया। कंपनी के चेयरमैन और एमडी (CMD) जी वी प्रसाद ने नतीजों के बारे में कहा, 'हमने एक और तिमाही में रिकॉर्ड सेल्स हासिल की है और हमारी फाइनेंशियल परफॉर्मेंस शानदार रही है। '
संबंधित अवधि में कंपनी का नॉर्थ अमेरिकी बिजनेस (अमेरिका भी शामिल) 9 पर्सेंट की ग्रोथ के साथ 3,350 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान, भारत में फार्मा कंपनी की सेल्स सालाना आधार पर 5 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 1,180 करोड़ रुपये रही, जबकि तिमाही आधार पर इसमें 1 पर्सेंट की गिरावट हुई। इसके अलावा, रूस से कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 14 पर्सेंट घटकर 590 करोड़ रुपये हो गया।