सितंबर 2023 तिमाही में एयरलाइन कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) के नतीजे सालाना आधार पर बेहतर रहे हैं। वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही में एयरलाइन कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 188 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को 1,583 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
संबंधित अवधि में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 20 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 14,944 करोड़ रुपये रहा, जो अनुमानों से थोड़ा ज्यादा है। सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 14,613 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया था।
बहरहाल, पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी का मुनाफा काफी कम रहा है। जून 2023 तिमाही में कंपनी को 3,091 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था। तिमाही आधार पर एयरलाइन कंपनी के रेवेन्यू में भी 10 पर्सेंट की गिरावट हुई है।
दरअसल, दूसरी तिमाही आम तौर पर इस सेक्टर के लिए कमजोर तिमाही होती है। सितंबर 2023 तिमाही में एयरलाइन कंपनी का इबिट्डा बढ़कर 2,446 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 229 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन बढ़कर 16.4 पर्सेंट हो गया।
संबंधित अवधि में एयरलाइन कंपनी का पैसेंजर लोड फैक्टर बढ़कर 83.3 पर्सेंट हो गया। एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 79.2% था। संबंधित अवधि में एयरलाइन की यील्ड में 12 पर्सेंट से भी ज्यादा की गिरावट हुई और यह 4.44 रुपये रही।
इस दौरान कंपनी का एयरक्राफ्ट फ्यूल खर्च सालाना आधार पर 6.4 पर्सेंट की कमी के साथ 5,856 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से तिमाही आधार पर इसमें 12 पर्सेंट की बढ़ोतरी रही। कंपनी के कुल खर्च में एयरक्राफ्ट फ्यूल खर्च की हिस्सेदारी 38 पर्सेंट से भी ज्यादा रही।
इस बीच, विमान और इंजन का किराया सालाना आधार पर 4 गुना बढ़कर 196 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एयरपोर्ट फीस 15 पर्सेंट बढ़कर 981 करोड़ रुपये रही। सितंबर के आखिर में कंपनी के पास कुल कैश 30,666 करोड़ रुपये था, जबकि एक साल पहले यह 19,661 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, कंपनी के खातों में कुल कर्ज 49,392 करोड़ रुपये था, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 40,945 करोड़ रुपये था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में इंटरग्लोबल एविएशन के शेयर 0.7 पर्सेंट की बढ़त के साथ 2,509.20 रुपये पर बंद हुए।