Indigo ने मार्च तिमाही में 919 करोड़ रुपये प्रॉफिट कमाया है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 1,682 करोड़ रुपये लॉस हुआ था। तिमाही दर तिमाही आधार पर कंपनी का प्रॉफिट 35 फीसदी गिरा है। कंपनी ने दिसंबर तिमाही में 1,423 करोड़ रुपये प्रॉफिट कमाया था। मार्च तिमाही में ऑपरेशन से कंपनी का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 76 फीसदी बढ़कर 14,160 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 8,021 करोड़ रुपये था।
मार्च तिमाही में रेवेन्यू 81 फीसदी बढ़ा
मार्च तिमाही में पैसेंजर्स टिकट से कंपनी का रेवेन्यू 81 फीसदी बढ़कर 12,435 करोड़ रुपये रहा। एंसिलियरी रेवेन्यू 1,445 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 37 फीसदी ज्यादा है। इससे पहले इंडिगो ने जून 2019 में लगातार दो तिमाही प्रॉफिट कमाया था। साल दर साल आधार पर कंपनी का EBITDAR बढ़कर 2,966.5 करोड़ रुपये हो गया। मार्जिन कई गुना बढ़कर 20.9 फीसदी पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 2.1 फीसदी था।
प्रॉफिट कमाने की क्षमता के बारे में बताने वाली यील्ड 10.2 फीसदी बढ़कर 4.85 रुपये प्रति किलोमीटर पहुंच गई। इंडिगो का लोड फैक्टर यानी इस्तेमाल हो रही पैसेंजर कैरीइंग कैपेसिटी 7.5 फीसदी बढ़कर 84.2 फीसदी हो गई। रिजल्ट के बारे में कंपनी के सीईओ Pieter Elbros ने कहा कि कंपनी ने तीन स्ट्रेटेजिक मानदंड-resssure, create और develop के आधार पर कोशिश शुरू की थी। इसके चलते साल का अंत अच्छा रहा।
कंपनी ने यात्रियों को किया धन्यवाद
उन्होंने कहा कि मैं मार्च 2023 में खत्म फाइनेंशियल ईयर में 8.6 करोड़ यात्रियों को हमारी सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए धन्यवाद देता हूं। साथ ही मैं कंपनी के 6 हजार एंप्लॉयी को भी उनकी कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। हालांकि, इंडिगो को हाई फ्यूल कॉस्ट और विदेशी मुद्रा की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है। इससे पिछले चार तिमाहियों में से 2 में कंपनी को लॉस उठाना पड़ा है।