इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने आज 18 मई को FY24 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट डबल होकर 1894.8 करोड़ रुपये हो गया है। बाजार हिस्सेदारी के हिसाब से सबसे बड़ी बजट एयरलाइन ने एक साल पहले की समान अवधि में 919 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। हालांकि, वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में इसे 1680 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी ने फ्यूल प्राइस हाइक की तुलना में मजबूत डिमांड के कारण लगातार छठी तिमाही में मुनाफा दर्ज किया है।
IndiGo Q4 Results: रेवेन्यू 26% बढ़ा
इंटरग्लोब एविएशन का रेवेन्यू पिछले वित्त वर्ष के 14161 करोड़ रुपये से 26 फीसदी बढ़कर 17,825.3 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन यह 19,452 करोड़ रुपये के बाजार के अनुमान से कम रहा। हालांकि, पांच ब्रोकरेज के औसत के अनुसार एयरलाइन का मुनाफा 1900 करोड़ रुपये के बाजार के अनुमान के मुताबिक रहा। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इंडिगो का मुनाफा 111 फीसदी बढ़ा था। नतीजों के बीच कंपनी के शेयरों में आज 1.27 फीसदी की तेजी आई है। यह स्टॉक BSE पर 4414.90 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1.70 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
महामारी के बाद मजबूत रिकवरी से IndiGo को फायदा
फ्यूल की बढ़ती लागत और फॉरेन एक्सचेंज में उतार-चढ़ाव के कारण एयरलाइन वित्त वर्ष 23 की पहली दो तिमाहियों में घाटे में रही थी। हालांकि, दुनिया के तीसरे सबसे बड़े एविएशन मार्केट में घरेलू हवाई यात्रा में महामारी के बाद मजबूत रिकवरी से इसे फायदा हुआ है।
इस तिमाही में एयरलाइन में 235.97 लाख यात्रियों ने सफर किया, जिससे इसकी बाजार हिस्सेदारी 60.3 फीसदी रही। एक साल पहले की समान अवधि में इंडिगो में 209.07 लाख यात्रियों ने ट्रैवल किया था, जिससे इसकी बाजार हिस्सेदारी 55.7 प्रतिशत रही थी। महामारी से पहले के वर्ष 2019 में, जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान इंडिगो में 156.93 लाख यात्रियों ने ट्रैवल किया था, जिससे इसकी बाजार हिस्सेदारी तिमाही के दौरान 44.3 फीसदी रही थी।
एयरलाइन का EBITDAR एक साल पहले के 2,966.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,412.3 करोड़ रुपये हो गया, जबकि इसका मार्जिन 20.9 फीसदी से बढ़कर 24.8 फीसदी हो गया। इंडिगो ने Q4FY24 में अपने पैसेंजर टिकट रेवेन्यू और सहायक रेवेन्यू का ब्योरा नहीं दिया। एयरलाइन ने पिछले साल 12,435 करोड़ रुपये का पैसेंजर टिकट रेवेन्यू और 1,445 करोड़ रुपये का सहायक रेवेन्यू दर्ज किया था।