मार्च 2024 तिमाही में देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड (Infosys Ltd) का नेट प्रॉफिट 7,969 करोड़ रुपये रहा, जो अनुमानों से बेहतर है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 37,923 करोड़ रुपये रहा। एक्सपर्ट्स ने कंपनी का प्रॉफिट 6,128 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था, जबकि रेवेन्यू 38,413 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद थी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में 18 अप्रैल को कंपनी का शेयर 0.34 पर्सेंट की बढ़त के साथ बंद हुआ।
13 ब्रोकरेज फर्मों के अनुमानों के औसत के आधार पर यह अनुमान पेश किया गया था। शेयर बाजार में 18 अप्रैल को कंपनी का शेयर 0.34 पर्सेंट बढ़कर 1,419.25 रुपये पर बंद हुआ। इंफोसिस ने 20 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड और 8 रुपये प्रति शेयर वन टाइम डिविडेंड भी घोषित किया है।
कंपनी ने इंजीनियरिंग, रिसर्च और डिवेलपमेंट (ER&D) सर्विस प्रोवाइडर कंपनी इन-टेक होल्डिंग का अधिग्रहण करने का भी ऐलान किया है। कंपनी के CEO और MD सलिल पारेख ने नतीजों के बाद कहा, ' जेनरेटिव AI के क्षेत्र में हमारी क्षमता का लगातार विस्तार हो रहा है। हम अपने क्लाइंट प्रोग्राम, बड़े लैंग्वेज मॉडल और कस्टमर सपोर्ट को लेकर काम कर रहे हैं। मैं अपने 3,17,000 एंप्लॉयीज का शुक्रिया अदा करता हूं, जो दुनिया भर में हमारे क्लाइंट्स की बेहतर सर्विस के लिए काम कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा, ' हम अपनी बड़ी डील को लेकर काफी संतुष्ट हैं। साथ ही, पिछले कुछ साल में हायरिंग मॉडल में काफी बदलाव देखने को मिला है। कंपनी अब आधे से ज्यादा हायरिंग कैंपस से बाहर कर रही है।'
इंफोसिस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) जयेश एस. का कहना था, ' चौथी तिमाही में फ्री कैश फ्लो 84.8 करोड़ डॉलर रहा, जो पिछली 11 तिमाहियों में सबसे ज्यादा है। शेयरहोल्डर्स को बेहतर रिटर्न देने के मकसद से कंपनी बोर्ड ने कैपिटल एलोकेशन पॉलिसी को मंजूरी दी है। इसके तहत कंपनी अगले 5 साल में 85% रकम वापस करेगी और हर साल प्रति शेयर डिविडेंड में भी बढ़ोतरी करेगी।'