IREDA Q1 Results: जून तिमाही में 30% बढ़ा नेट प्रॉफिट, एसेट क्वालिटी में सुधार

IREDA April-June quarter Results: जून तिमाही में इरेडा की एसेट क्वालिटी में भी तिमाही आधार पर सुधार हुआ है। जून तिमाही के अंत में ग्रॉस एनपीए 2.19 फीसदी रहा, जो मार्च तिमाही के अंत में 2.36% था। नेट एनपीए में भी मामूली सुधार हुआ और यह मार्च तिमाही के 0.99% से बढ़कर 0.95% हो गया

अपडेटेड Jul 12, 2024 पर 9:31 PM
इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी यानी IREDA ने FY25 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं।

IREDA Q1 Results: इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी यानी IREDA ने FY25 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 30 फीसदी बढ़ गया है। कंपनी ने इस अवधि में 383.69 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 294.58 करोड़ रुपये था। नेट प्रॉफिट का यह आंकड़ा मार्च तिमाही के 337 करोड़ रुपये से भी अधिक है। इस बीच कंपनी के शेयरों में आज 0.37 फीसदी की तेजी देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 284.65 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। कंपनी ने मार्केट क्लोज होने के बाद नतीजे जारी किए हैं।

IREDA की एसेट क्वालिटी में सुधार

जून तिमाही में इरेडा की एसेट क्वालिटी में भी तिमाही आधार पर सुधार हुआ है। जून तिमाही के अंत में ग्रॉस एनपीए 2.19 फीसदी रहा, जो मार्च तिमाही के अंत में 2.36% था। नेट एनपीए में भी मामूली सुधार हुआ और यह मार्च तिमाही के 0.99% से बढ़कर 0.95% हो गया। रिन्यूएबल एनर्जी फाइनेंसर का डेट-इक्विटी रेश्यो पिछले साल के 6.35x से बढ़कर 5.83x हो गया।


जून तिमाही में कंपनी ने पहले एक बिजनेस अपडेट जारी किया है, जिसमें लोन की मंजूरी पिछले वर्ष की इसी अवधि के ₹1893 करोड़ से बढ़कर ₹9136 करोड़ हो गई। लोन डिसबर्समेंट भी 67.6 फीसदी बढ़कर ₹5320 करोड़ हो गया। जून तिमाही के अंत में इरेडा की लोन बुक ₹63,150 करोड़ थी, जो एक साल पहले की समान तिमाही की तुलना में 33.8 फीसदी अधिक है।

IREDA ने FPO के लिए सरकार से किया अनुरोध

इस महीने की शुरुआत में CNBC-TV18 के साथ बातचीत में IREDA के CMD प्रदीप कुमार दास ने कहा था कि कंपनी सरकार की सहमति के अधीन, फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर के ज़रिए इक्विटी जुटा सकती है। दास ने कहा कि FPO की राशि ₹4,000 करोड़ से ₹5,000 करोड़ के बीच होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि FPO के लिए सरकार से अनुरोध किया गया है, लेकिन इस प्रक्रिया में समय लगता है। दास ने यह भी बताया कि FPO इस साल नवंबर और अगले साल फरवरी के बीच आ सकता है।

IREDA ने आयकर अधिनियम की धारा 54EC के तहत शामिल किए जाने के लिए वित्त मंत्रालय से अनुरोध भी किया है। इरेडा के सीएमडी ने कहा कि धारा 54EC के तहत शामिल किए जाने से कंपनी को कम उधारी लागत के मामले में लाभ होगा।

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