ITC Q3 Result : दिसंबर तिमाही में 21% बढ़ा कंपनी का मुनाफा, 6 रुपये के डिविडेंड का ऐलान

दिसंबर तिमाही में ITC का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 21 फीसदी बढ़ा है और यह 5,031 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 4,156 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। दिसंबर तिमाही में ITC के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे हैं

अपडेटेड Feb 03, 2023 पर 7:04 PM
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सिगरेट से लेकर साबुन बनाने वाली FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी ITC ने वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है।

ITC Q3 Result : सिगरेट से लेकर साबुन बनाने वाली FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी ITC ने वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 21 फीसदी बढ़ा है और यह 5,031 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 4,156 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। दिसंबर तिमाही में ITC के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे हैं। मनीकंट्रोल द्वारा कराए गए पोल में ब्रोकरेज के अनुमानों के मुताबिक कंपनी का मुनाफा 4,614 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद थी। तिमाही नतीजों के साथ ही कंपनी ने 31 मार्च 2023 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए 6 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।

2.3 फीसदी बढ़ा रेवेन्यू

कंपनी के ऑपरेशन से होने वाले रेवेन्यू में (एक्साइज ड्यूटी को छोड़कर) सालाना आधार पर 2.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यह 16,225.7 करोड़ रुपेय पर पहुंच गया। पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 15,862 करोड़ रुपये था। कंपनी के EBITDA में सालाना आधार पर 22 फीसदी का इजाफा हुआ है और यह 6,223.2 हो गया है। वहीं, EBITDA मार्जिन 600 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 38.4 फीसदी हो गया है।


सेगमेंट-वाइज परफॉर्मेंस

सेगमेंट के आधार पर कंपनी के प्रदर्शन की बात करें तो सिगरेट का राजस्व सालाना आधार पर 16.7 प्रतिशत बढ़कर 7288 करोड़ रुपये हो गया। एफएमसीजी रेवेन्यू 18 फीसदी बढ़कर 4841 करोड़ रुपए रहा। ट्रैवल में सुधार के कारण होटल बिजनेस का राजस्व 50 प्रतिशत बढ़कर 712 करोड़ रुपये हो गया। सेगमेंट का ऑपरेटिंग मार्जिन 31.5 फीसदी पर आ गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 24.7 फीसदी था। इसे हायर RevPAR, ऑपरेटिंग लीवरेज और स्ट्रक्चरल कॉस्ट इंटरवेंशन से सपोर्ट मिला है।

इस बीच, वर्ष के दौरान सरकार द्वारा गेहूं और चावल के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों के प्रभाव के कारण कृषि राजस्व 37 प्रतिशत घटकर 3123 करोड़ रुपये रह गया। पेपरबोर्ड और पेपर रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.7 फीसदी बढ़कर 2305 करोड़ रुपये हो गया।

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