वित्त वर्ष 2024 में प्राइवेट बैंकों का नेट प्रॉफिट पब्लिक सेक्टर बैंकों के प्रॉफिट की तुलना में ज्यादा रहा है। मनीकंट्रोल की एनालिसिस में यह पता चला है। वित्त वर्ष 2024 में सभी बैंकों का नेट प्रॉफिट 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है। ऐसा पहली बार है, जब किसी वित्त वर्ष में बैंकों के नेट प्रॉफिट ने यह आंकड़ा पार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 मई को अपनी ट्वीट में कहा, 'पिछले 10 साल में शानदार बदलाव की बदौलत बैंकिंग सेक्टर का नेट प्रॉफिट पहली बार 3 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया।'
इस दौरान प्राइवेट बैंकों के प्रॉफिट में सालाना आधार पर 41 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई, जबकि पब्लिक सेक्टर बैंकों के नेट प्रॉफिट में 35 पर्सेंट की बढ़त देखने को मिली। कुल मिलाकर देखा जाए, तो वित्त वर्ष 2024 में प्राइवेट बैंकों का नेट प्रॉफिट पब्लिक सेक्टर बैंकों के मुकाबले ज्यादा रहा। वित्त वर्ष 2024 में कुल 26 प्राइवेट बैंकों का नेट प्रॉफिट 1.78 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि 12 पब्लिक सेक्टर बैंकों का मुनाफा 1.41 करोड़ रुपये था।
प्राइवेट बैंकों में सबसे ज्यादा प्रॉफिट HDFC बैंक का रहा। वित्त वर्ष 2024 में HDFC बैंक का मुनाफा 60,812 करोड़ रुपये रहा। जहां तक पब्लिक सेक्टर बैंकों की बात है, तो देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का नेट प्रॉफिट 61,076 करोड़ रुपये रहा। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, प्रॉफिट में उछाल की वजह बैंकों की बेहतर क्रेडिट ग्रोथ है, जिससे नेट इंटरेस्ट इनकम में बढ़ोतरी होगी। बीते वित्त वर्ष में बैंकों ने अपनी एसेट क्वॉलिटी को भी कंट्रोल में रखा, जिससे लोन बुक हेल्दी रही।
पिछले वित्त वर्ष में प्राइवेट बैंकों का कुल प्रॉफिट 1.26 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि पब्लिक सेक्टर बैंकों का कुल प्रॉफिट 1,04 लाख करोड़ रुपये रहा। प्राइवेट बैंकों के प्रॉफिट में सालाना आधार पर 41 पर्सेंट पर बढ़ोतरी हुई और पब्लिक सेक्टर बैंकों का प्रॉफिट 35 पर्सेंट बढ़ा। यूको बैंक (Uco Bank) और पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank) को छोड़कर बाकी सभी बैंकों के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023 में यूको बैंक का नेट प्रॉफिट 1,862 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2024 में बढ़कर 1,653 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह, वित्त वर्ष 2024 में पंजाब एंड सिंध बैंक का प्रॉफिट 595 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 1,313 करोड़ रुपये था।