Tata Group की कंपनी टाटा पावर (Tata Power) ने आज 4 मई को वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी के कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में सालाना आधार पर 48.5 फीसदी की जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है। मार्च तिमाही में कंपनी का मुनाफा बढ़कर 938.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 632.37 करोड़ रुपये था। हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी के मुनाफे में 10.77 फीसदी की गिरावट देखी गई। दिसंबर 2022 तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट ऑफ्टर टैक्स (PAT) 1,052.14 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए 200% डिविडेंड की घोषणा की है। यानी निवेशकों को प्रति शेयर 2 रुपये का डिविडेंड मिलेगा।
इसके विपरीत, मार्च तिमाही में ऑपरेशन से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 12,454 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के 11,959.96 करोड़ रुपये से 4.12 फीसदी अधिक है। हालांकि, पिछली तिमाही में कंपनी का राजस्व 14,129.12 करोड़ रुपये था। यानी तिमाही आधार पर इसमें 11.85 फीसदी की गिरावट देखी गई।
इस दौरान जनरेशन और रिन्यूएबल सेगमेंट्स में गिरावट देखी गई। टाटा पावर ने एक्सचेंजों को अपनी फाइलिंग में कहा कि ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में सालाना आधार पर 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिससे इसे सपोर्ट मिला है।
ऑपरेटिंग लेवल पर, टाटा ग्रुप की पावर जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने मार्च FY23 तिमाही में EBITDA सालाना आधार पर 3.2 फीसदी बढ़कर 1,927.7 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, इसी अवधि में मार्जिन 10bps गिरकर 15.5 फीसदी हो गया।
2 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान
गुरुवार को हुई एक बैठक में टाटा पावर के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 31 मार्च 2023 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में शेयरधारकों को 1 रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रति इक्विटी शेयर पर 2 रुपये प्रति शेयर (200%) के डिविडेंड की सिफारिश की। 19 जून को तय 104वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों से अप्रुवल मिलने के बाद कंपनी की योजना 21 जून 2023 तक डिविडेंड का भुगतान करने की है।