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Tata Steel Q1 Results: जून तिमाही में 51% बढ़ा नेट प्रॉफिट, लेकिन बाजार के अनुमान से कम

Tata Steel ने अपने भारतीय बिजनेस में अप्रैल-जून तिमाही में सुस्त बिक्री दर्ज की है, जिसकी वजह आम चुनाव है। इसके चलते कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी में सुस्ती देखी गई। इसके अलावा, देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के चलते श्रमिकों की कमी और कंस्ट्रक्शन पर प्रतिबंध लगाए गए

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 31, 2024 पर 11:03 PM
Tata Steel Q1 Results: जून तिमाही में 51% बढ़ा नेट प्रॉफिट, लेकिन बाजार के अनुमान से कम
टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील ने आज 31 जुलाई को FY25 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं।

Tata Steel Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील ने आज 31 जुलाई को FY25 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 51 फीसदी बढ़ा है। कंपनी ने इस अवधि में 960 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 634 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। वहीं, यह मार्च तिमाही में दर्ज 611.48 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट से भी अधिक है। हालांकि, कंपनी का नेट प्रॉफिट बाजार के अनुमान से कम है। मनीकंट्रोल के दस ब्रोकरेज फर्मों ने एक सर्वे में स्टील कंपनी के लिए 1025 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट का अनुमान लगाया था। कंपनी के शेयरों में आज 0.79 फीसदी की तेजी आई है और यह स्टॉक BSE पर 165.35 रुपये के भाव पर बंद हुआ है।

Tata Steel का रेवेन्यू 8 फीसदी घटा

जून तिमाही में टाटा स्टील का रेवेन्यू 8 फीसदी घटकर 54,771 करोड़ रुपये रह गया, जबकि Q1FY24 में यह 59,490 करोड़ रुपये था। कंपनी का रेवेन्यू मार्च तिमाही में दर्ज 58687 करोड़ रुपये की तुलना में भी कम है। जून तिमाही में कंसोलिडेटेड EBITDA 6822 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 11.4 फीसदी अधिक है। यह Q4FY24 में दर्ज 6631 करोड़ रुपये से भी अधिक है।

टाटा स्टील ने अपने भारतीय बिजनेस में अप्रैल-जून तिमाही में सुस्त बिक्री दर्ज की है, जिसकी वजह आम चुनाव है। इसके चलते कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी में सुस्ती देखी गई। इसके अलावा, देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के चलते श्रमिकों की कमी और कंस्ट्रक्शन पर प्रतिबंध लगाए गए। कंपनी ने तिमाही के दौरान भारत में 4.94 मीट्रिक टन की डिलीवरी दर्ज की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में थोड़ी अधिक है, लेकिन तिमाही आधार पर 8.6 फीसदी कम हुई।

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