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UP Scholarship 2026-27: यूपी में कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप आवेदन शुरू, नए और रिन्यूवल के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर करें अप्लाई

UP Scholarship 2026-27: यूपी सरकार की ओर से कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए नए स्कॉलरशिप और पुराने रिन्युवल कराने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। आइए जानें आवेदन करने की लास्ट डेट कब है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 11, 2026 पर 5:43 PM
UP Scholarship 2026-27: यूपी में कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप आवेदन शुरू, नए और रिन्यूवल के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर करें अप्लाई
स्कॉलरशिप आवेदन कई चरण की स्क्रूटनी और सत्यापन प्रक्रिया है।

UP Scholarship 2026-27: उत्तर प्रदेश में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए स्कॉलरशिप प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत कक्षा 9 से 12 में पढ़ने वाले छात्र उत्तर प्रदेश सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के आधिकारिक स्कॉलरशिप पोर्टल scholarship.up.gov.in के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इसके एक मैंडेट में कक्षा 9 से 12 के छात्र के लिए मैट्रिक पूर्व और मैट्रिक (इंटरमीडिएट) के बाद की स्कॉलरशिप शामिल हैं। वहीं, दूसरे मैंडेट में कक्षा 12 के बाद उच्च शिक्षा वाले छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप शामिल हैं।

यह स्कॉलरशिप जनरल, शेड्यूल्ड कास्ट (SC), शेड्यूल्ड ट्राइब (ST), अदर बैकवर्ड क्लास (OBC), और अल्पसंख्य समुदाय के योग्य छात्रों के लिए बहुत अहम मानी जाती है। इस स्कॉलरशिप प्रक्रिया के तहत पहले से चल रही छात्रवृत्ति को रिन्यू कराने या नई छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कक्षा 10 और 12 के रिन्यूअल छात्र : ऑनलाइन आवेदन 11 अगस्त से 25 अगस्त, 2026 तक जमा किए जा सकते हैं। जरूरी हार्ड कॉपी भी तय समय के अंदर जमा करनी होगी।

कक्षा 9 और 11 में नए आवेदक : ऑनलाइन एप्लीकेशन 11 अगस्त से 21 सितंबर, 2026 तक खुले रहेंगे।

जिन स्टूडेंट्स ने 12वीं कक्षा पूरी कर ली है और ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन, डिप्लोमा, ITI, या दूसरे मैट्रिक के बाद वाले पाठ्यक्रम कर रहे हैं, उनके लिए अलग एप्लीकेशन शेड्यूल होगा।

ऑनलाइन करें आवेदन

ऑनलाइन आवेदन जमा करना सिर्फ पहला स्टेप है। स्कॉलरशिप आवेदन कई चरण की स्क्रूटनी और सत्यापन प्रक्रिया है। सबसे पहले, स्कूल या शैक्षिक संस्थान योग्य छात्रों के आवेदन को सत्यापित करता है और उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए फॉरवर्ड करता है। फिर जिला स्कूल इंस्पेक्टर छात्रों से जुड़ी जानकारी सत्यापित करता है, जिसमें योग्य छात्रों की संख्या भी शामिल है।

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