TCS ने किया डिविडेंड का ऐलान, 9 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड देगी कंपनी

जून क्वॉर्टर में कंपनी का नेट प्रॉफिट 16.83 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 11,074 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 9,478 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी का मुनाफा एक्सपर्ट्स के अनुमानों के मुताबिक है। एक्सपर्ट्स ने जून क्वॉर्टर के दौरान TCS के नेट प्रॉफिट में 15-20 पर्सेंट की बढ़ोतरी का अनुमान जताया था

अपडेटेड Jul 12, 2023 पर 10:28 PM
TCS ने फाइनेंशियल ईयर 2023 में कुल 33,306 करोड़ रुपये का डिविडेंट दिया।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (TCS) ने 9 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को बताया कि डिविडेंट का भुगतान 7 अगस्त को किया जाएगा। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 20 जुलाई है। कंपनी के ऐसे शेयरहोल्डर जिनका नाम कंपनी के सदस्य के तौर पर रजिस्टर में या डिपॉजिटरी के रिकॉर्ड में शेयरों के मालिक के तौर पर 20 जुलाई को दर्ज होगा, वे इस डिविडेंड के हकदार होंगे।

कंपनी के डिविडेंड का इतिहास

TCS ने फाइनेंशियल ईयर 2023 में कुल 33,306 करोड़ रुपये का डिविडेंट दिया, जबकि डिविडेंड यील्ड 3.59 पर्सेंट रही। फाइनेंशियल ईयर 2022 में कंपनी ने 7,686 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 8,510 करोड़ रुपये था। फाइनेंशियल ईयर 2020 में कंपनी के डिविडेंट की रकम 25,125 करोड़ रुपये थी।

वैल्यू के लिहाज से देखा जाए, तो TCS ने फाइनेंशियल ईयर 2023 में 115 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड दिया, जबकि फाइनेंशियल ईयर 2022 में यह आंकड़ा 43 रुपये प्रति शेयर था। फाइनेंशियल ईयर 2021 और 2020 में डिविडेंड क्रमशः 38 रुपये प्रति शेयर और 72 रुपये प्रति शेयर था।


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जून क्वॉर्टर के नतीजे

जून क्वॉर्टर में कंपनी का नेट प्रॉफिट 16.83 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 11,074 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 9,478 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी का मुनाफा एक्सपर्ट्स के अनुमानों के मुताबिक है। एक्सपर्ट्स ने जून क्वॉर्टर के दौरान TCS के नेट प्रॉफिट में 15-20 पर्सेंट की बढ़ोतरी का अनुमान जताया था। BSE में बुधवार को TCS के शेयर 0.36 पर्सेंट की गिरावट के साथ बंद हुए। कंपनी ने डिविडेंट का ऐलान बाजार बंद होने के बाद किया।

संबंधित अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 12.55 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ 59,381 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी क्वॉर्टर में रेवेन्यू 52,758 करोड़ रुपये था। इंडस्ट्री के लिहाज से देखा जाए तो कंपनी को सबसे ज्यादा ग्रोथ लाइफ साइंसेज और हेल्थकेयर सेगमेंट में देखने को मिली। इस सेगमेंट में ग्रोथ 10.1 पर्सेंट रही, जबकि मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में ग्रोथ 9.4 पर्सेंट रही। इसके बाद क्रमशः BFSI, रिटेल और CPG वगैरह का स्थान रहा।

जून क्वॉर्टर के आखिर में कंपनी के पास कुल 6,15,318 एंप्लॉयीज थे। इस दौरान कंपनी ने 523 नए एंप्लॉयीज की भर्ती की। कंपनी में 154 देशों के नागरिक काम करते हैं और कुल वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 35.8 पर्सेंट है।

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