जून 2023 तिमाही में टॉरेंट फार्मा (Torrent Pharma) का मुनाफा (टैक्स के बाद) 7 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 378 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट (टैक्स के बाद) 354 करोड़ था। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 2,951 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले की अवधि में यह आंकड़ा 2,347 करोड़ रुपये था।
दवा कंपनी ने बताया कि संबंधित अवधि में भारत में उसका रेवेन्यू 14.5 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 1,426 करोड़ रुपये रहा। कंपनी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, जून 2023 तिमाही के दौरान ब्राजील और जर्मनी में उसके रेवेन्यू में 3 और 21 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, इस दौरान अमेरिका में कंपनी के रेवन्यू में 2 पर्सेंट की हुई और यह 293 करोड़ रुपये रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में 7 अगस्त को कंपनी का शेयर 0.49 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 2,051.50 रुपये पर बंद हुआ।
यह कंपनी फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री की एक लार्ज कैप कंपनी है और देश की टॉप फार्मा कंपनियों में से एक है। टोरेंट फार्मा को ब्राजील और जर्मनी में सबसे बड़ी बाजार हिस्सेदारी रखने के लिए भारतीय फार्मा कंपनियों में काफी अहम माना जाता है।
कंपनी ने 31 मार्च 2023 को समाप्त तिमाही में 287 करोड़ रुपये का कंसोलिडेट नेट प्रॉफिट कमाया था। एक साल पहले की इसी तिमाही में कंपनी को 118 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। मार्च तिमाही के दौरान उसकी ऑपरेशन इनकम 16.8 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 2,491 करोड़ रुपये थी, जबकि एक साल पहले की अवधि में यह 2,131 करोड़ रुपये थी। मार्च तिमाही में कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरहोल्डर्स को हर 5 रुपये के इक्विटी शेयर पर 8 रुपये का डिविडेंड देने की भी सिफारिश की थी।