UPL Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी यूपीएल लिमिटेड (UPL Ltd) ने अप्रैल-जून तिमाही में 166 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। ये मुनाफा पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 877 करोड़ रुपये से 81.1 प्रतिशत कम है। शुद्ध मुनाफा भी स्ट्रीट की 262 करोड़ रुपये की उम्मीद से कम रहा। सालाना आधार पर कंपनी की आय में 17.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आय पहली तिमाही में गिरकर 8,963 करोड़ रुपये हो गई। जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 10,821 करोड़ रुपये रही थी। ब्रोकरेज के एक सर्वेक्षण में यूपीएल की आय का अनुमान 9,790 करोड़ रुपये लगाया गया था। कंपनी ने कमजोर तिमाही आय के पीछे उद्योग में छाई मंदी को कारण बताया।
यूपीएल कॉरपोरेशन लिमिटेड के सीईओ माइक फ्रैंक (Mike Frank, CEO, UPL Corporation Ltd) ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, "वैश्विक एग्रोकेमिकल उद्योग पिछली दो तिमाहियों से चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है क्योंकि डिस्ट्रीब्यूटर्स ने डीस्टॉकिंग को प्राथमिकता दी है। उच्च चैनल इन्वेंट्री के बीच रणनीतिक खरीद पर फोक्स किया है।" फ्रैंक ने आगे कहा कि पिछले वर्ष के हाई बेस और चीनी पोस्ट पेटेंट निर्यातकों से हमने जो आक्रामक मूल्य प्रतिस्पर्धा देखी है, उसे देखते हुए बाजार में प्राइसिंग का दबाव देखा जा रहा है।"
कमजोर मांग के माहौल को ध्यान में रखते हुए UPL ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने रेवन्यू ग्रोथ गाइडेंस को 4-8 प्रतिशत से घटाकर 1-5 प्रतिशत कर दिया। जो कि उसकी टॉपलाइन पर लंबे समय तक दबाव की ओर इशारा करता है। इसके साथ ही कंपनी ने अपने FY24 मार्जिन ग्रोथ गाइडेंस को भी पहले के 6-10 प्रतिशत से घटाकर 3-7 प्रतिशत कर दिया।
EBITDA और मार्जिन पर भी रहा दबाव
एग्रोकेमिकल्स कंपनी का ऑपरेटिंग मुनाफा मार्जिन भी दबाव में रहा। अप्रैल-जून में ये घटकर 17.8 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले की अवधि में 21.6 प्रतिशत था। EBITDA भी गिरकर 1,952 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 2,343 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।
इसके अलावा आगामी तिमाहियों के लिए कमजोर आउटलुक को देखते हुए, कंपनी अगले 24 महीनों की अवधि में 10 करोड़ डॉलर की लागत में कमी की पहल भी करेगी। इसका आधा हिस्सा वित्त वर्ष 24 में पूरा हो जाएगा।
बहरहाल, फ्रैंक चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही से मांग में सुधार को लेकर आशावादी बने हुए हैं। उनका मानना है कि चैनल इन्वेंट्री एक नए सामान्य स्तर पर पहुंच रही है।
इस बीच कंपनी ने कैश फ्लो में सुधार और अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने पर फोकस करते हुए, 30 जून 2023 तक अपना शुद्ध डेट भी लगभग 16 करोड़ डॉलर घटाकर 3,19.3 करोड़ डॉलर कर दिया।
कंपनी के शेयरों ने भी पहली तिमाही के नतीजों पर नकारात्मक रिस्पांस दिया। नतीजों के बाद शेयर ने शुरुआती बढ़त गंवा दी। नतीजों की घोषणा के बाद यूपीएल का शेयर एनएसई पर 31 जुलाई को 0.1 प्रतिशत गिर कर 624.70 रुपये पर बंद हुआ।