दिसंबर तिमाही में माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Ltd) का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 18 पर्सेंट की गिरावट के साथ 2,013 करोड़ रुपये रहा। फाइनेंस से जुड़े खर्च और कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण नेट प्रॉफिट में गिरावट देखने को मिली। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 2,464 करोड़ रुपये था, जबकि वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में कंपनी को 1,783 करोड़ का नुकसान हुआ था।
अक्टूबर-दिसंबर 2023 तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 3.8 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 34,968 करोड़ रुपये हो गया, जबक पिछले साल की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 33,691 करोड़ रुपये। संबंधित अवधि में कंपनी के रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 9 पर्सेंट की गिरावट रही। इस दौरान कमोडिटी की कीमतों में तेजी रही और इसकी मुख्य वजह सप्लाई से ज्यादा डिमांड है। ग्लोबल स्तर पर मांग में कमजोरी के कारण वेदांता की सेल्स ग्रोथ सुस्त रही, लेकिन कंपनी घरेलू बाजार में मजबूत मांग के सहारे आगे बढ़ रही है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में 25 जनवरी को वेदांता लिमिटेड का शेयर 0.40 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 263.60 रुपये पर बंद हुआ।
मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान वेदांता ने 3.2 अरब डॉलर के कर्ज की रीस्ट्रक्चरिंग की और इसे कंपनी के 97 पर्सेंट से ज्यादा बॉन्डधारकों ने मंजूरी दे दी। वेदांता ग्रुप की होल्डिंग कंपनी ने कर्ज की रीफाइनेसिंग के लिए 14 दिसंबर 2023 को प्राइवेट क्रेडिट लेंडर्स से 1.25 अरब डॉलर हासिल किया। कंपनी का कहना है कि इस फंड से उसे लंबी अवधि में पूंजी का टिकाऊ ढांचा तैयार करने में मदद मिलेगी ।