दिसंबर तिमाही में टेलीकॉम ऑपरेटर वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) का नेट लॉस 12.56 पर्सेंट घटकर 6,985.9 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी का नुकसान 7,990 करोड़ रुपये था। मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 0.49 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 10,673.1 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 10,621 करोड़ रुपये था।
संबंधित अवधि में कंपनी का इबिट्डा (EBITDA) सालाना आधार पर 1.40 पर्सेंट बढ़कर 40.8 पर्सेंट हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 39.4 पर्सेंट था। दिसंबर तिमाही में वोडाफोन-आइडिया का औसत रेवेन्यू प्रति यूजर (ARPU) बढ़कर 145 रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 135 रुपये था। इसी तरह, कुल डेटा सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़कर 13.74 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 13.53 करोड़ थी।
कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, दिसंबर तिमाही में कंपनी के पास ग्रॉस डेट 2,14,960 करोड़ रुपये था, जिसमें 1,38,240 करोड़ रुपये की स्पेक्ट्रम पेमेंट देनदारी भी शामिल थी। कंपनी का नेट डेट 2,14,640 करोड़ रुपये रहा।
टेलीकॉम कंपनी के नतीजों से पहले ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल (Emkay Global) ने अपनी रिपोर्ट में कहा था, 'हमें तीसरी तिमाही में वोडाफोन के सब्सक्राइबर्स की संख्या में फिर से बढ़ोतरी की उम्मीद है। वोडाफोन ने दूसरी तिमाही में एक सरकारी स्कीम में हिस्सेदारी की थी, जिससे कंपनी को बड़ी संख्या में सब्सक्राइबर मिले।'
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Kotak Institutional Equities) का कहना है कि टेलीकॉम सेगमेंट में कॉम्पिटिशन बढ़ने के साथ ही भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और रिलायंस जियो (Reliance Jio) का मार्केट शेयर वोडाफोन की कीमत पर बढ़ सकता है, खास तौर पर प्रीमियम सब्सक्राइबर्स के मामले में ऐसा देखने को मिलेगा। कई ब्रोकरेज फर्मों ने दिसंबर तिमाही में वोडफोन के ARPU में मामूली बढ़ोतरी का अनुमान जताया था।