DHFL बैंकरप्सी मामलाः NCLT ने पूर्व प्रमोटर के पेमेंट प्लान पर विचार करने को कहा

कंपनी के लेंडर्स ने टेकओवर की प्रक्रिया शुरू की थी और पिरामल ग्रुप के ऑफर के पक्ष में वोट दिया था

अपडेटेड May 20, 2021 पर 9:01 AM

दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) के खिलाफ इनसॉल्वेंसी की कार्यवाही पर सुनवाई कर रहे मुंबई के एक कोर्ट ने कंपनी के लेंडर्स को पूर्व प्रमोटर कपिल वधावन के बकाया रकम को चुकाकर सेटलमेंट करने के प्रपोजल पर विचार करने को कहा है।

नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) की मुंबई ब्रांच ने बुधवार को DHFL की कथित कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (COC) से 10 दिनों के अंदर मीटिंग कर वधावन के प्रपोजल पर विचार करने को कहा।

इस डिवेलपमेंट की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने बताया कि लेंडर्स से प्रपोजल पर विचार कर NCLT को जानकारी देने के लिए कहा गया है।

DHFL के लेंडर्स ने कंपनी को टेकओवर करने की प्रक्रिया शुरू की थी और इसके लिए पिरामल ग्रुप के पक्ष में वोट दिया था। इस फैसले को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से फरवरी में स्वीकृति मिल गई थी। इसके बाद लेंडर्स ने NCLT के सामने प्रपोजल पेश किया था जिसे अभी तक अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है।

DHFL पर लेंडर्स के लगभग 91,000 करोड़ रुपये बकाया हैं। यह देश की पहली फाइनेंशियल कंपनी थी जिसे कर्ज न चुकाने के कारण NCLT में खींचा गया था।

CNBC-TV18 ने रिपोर्ट दी है कि लेंडर्स इस ऑर्डर के खिलाफ अपील करने पर विचार कर रहे हैं।


वधावन ने DHFL के क्रेडिटर्स और नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स के होल्डर्स सहित पूरी पेमेंट करने का प्रपोजल दिया है।

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