रेलिगेयर एंटरप्राइजेज (Religare Enterprises) की एग्जिक्यूटिव चेयरपर्सन रश्मि सलूजा अब कंपनी की डायरेक्टर नहीं रह गई हैं। कंपनी ने 13 फरवरी को एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी। रेलिगेयर एंटरप्राइजेज ने स्क्रूटनाइजर (Scrutinizer) का हवाला देते हुए बताया कि REL बोर्ड में रश्मि सलूजा की फिर से नियुक्ति के विरोध में 97 पर्सेंट वोट पड़े।
नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी ने रिजर्व बैंक के रेगुलेशन का हवाला देते हुए कहा है कि CIC के मैनेजमेंट में किसी भी तरह के बदलाव के लिए रेगुलेटर से पहले लिखित मंजूरी की जरूरत होगी। रिजर्व बैंक के रेगुलेशन में कहा गया है, 'अगर रोटेशन के आधार पर रिटायरमेंट की वजह से डायरेक्टर्स को फिर से नियुक्त किया जाता है, तो इसके लिए पहले से मंजूरी की जरूरत नहीं होगी।'
रेलिगेयर एंटरप्राइजेज ने रिजर्व बैंक से संबंधित रेगुलेशन के अमल को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। कंपनी यह जानना चाहती थी कि क्या इस मामले में पहले से मंजूरी की जरूरत होगी। इसका जवाब मिलने पर रेगिलेयर ने 13 फरवरी को बताया कि रश्मि सलूजा अब कंपनी का डायरेक्टर नहीं हैं, क्योंकि उनकी फिर से नियुक्ति को मंजूरी नहीं मिली है।
शेयरहोल्डर्स द्वारा पिछले हफ्ते नियुक्ति खारिज होने के बाद रश्मि सलूजा ने खुद को बोर्ड से हटाए जाने के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था। सलूजा ने दलील दी थी कि कंपनी में फिलहाल वह डायरेक्टर के पद से रिटायर होने के योग्य नहीं हैं।