
लाइकस इंटरनेट में आज भारी बिकवाली का दबाव दिखा। अमेरिकी पेरेंट कंपनी वायब्रैंट मीडिया एक्विजीशन ने चेप्टर 11 के तहत बैंकरप्सी प्रोटेक्शन के लिए अर्जी दी है। जिसके बाद लायकस का शेयर 20 फीसदी के निचले सर्किट पर बंद हुआ। आपको बता दें कि वायएमए को दक्षिण कोरियाई कंपनी को लाइकस के अधिग्रहण के लिए 3.66 करोड़ डॉलर का भुगतान करना है जिस पर कानूनी विवाद चल रहा है। इसी सौदे के सेटलमेंट के लिए बातचीत और पैसे की व्यवस्था के लिए कंपनी ने बैंकरप्सी प्रोटेक्शन की अर्जी दी है।
आलोक इंडस्ट्री में आज खासी तेजी देखी गई। कुछ पीई फर्म और टेक्सटाइल कंपनियों के आलोक इंडस्ट्रीज को खरीदने की रेस में होने की खबर आने से शेयर में खासी खरीदारी दिखी। कंपनी टीपीजी और केकेआर के अलावा घरेलू टेक्सटाइल फर्म वर्धमान और ट्राइडेंट जैसी कंपनियों ने आलोक इंडस्ट्री को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। वर्धमान टेक्सटाइल ने आवाज़ से बातचीत में कहा है कि वो स्पिनिंग एसेट खरीदने का विचार कर रही है लेकिन पॉलिस्टर के कारोबार को खरीदने की बात से उसने इनकार कर दिया।
एमईपी इंफ्रा को झारखंड में पनगढ़ टोल प्लाजा के लिए 1 साल का टोल कलेक्शन कॉन्ट्रेक्ट मिला है। ये कॉन्ट्रेक्ट 1 साल के लिए मिला है। इस कॉन्ट्रेक्ट से कंपनी को 65-66 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। जबकि कंपनी को एनएचएआई को करीब 57 करोड़ रुपये की कंशेसन फीस देना है।
आरपीपी इंफ्रा को कर्नाटक में नया प्रोजेक्ट हासिल हुआ है। नया प्रोजेक्ट मिलने की खबर के बाद कंपनी के शेयर में अच्छी तेजी दिखी। कंपनी को कर्नाटक सरकार से हाउसिंग प्रोजेक्ट का ऑर्डर मिला है। ये ऑर्डर करीब 30 करोड़ का है जिसे 20 महीने में पूरा करना है।
सिप्ला ने अमेरिका दवा कंपनी चेज फार्मा में 30 लाख डॉलर का और निवेश किया है। चेज फार्मा अल्जीमर्स के लिए नई दवा विकसित करने में लगी हुई है। सिप्ला ने 2014 में कंपनी में 14.6 फीसदी हिस्सेदारी 15 लाख डॉलर में खरीदी थी। ताजा खरीद के बाद कंपनी में सिप्ला का कुल हिस्सेदारी 16 फीसदी से ऊपरी पहुंच गई है।
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