HDFC-HDFC Bank merger : हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (एचडीएफसी) ने मंगलवार, 13 दिसंबर को बताया कि बीएसई और एनएसई ने उसके एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank Ltd) के साथ विलय को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। HDFC ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा, बीएसई और एनएसई ने एचडीएफसी लि. द्वारा जारी नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (non convertible debentures) एचडीएफसी बैंक को ट्रांसफर करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। हालांकि, इसके लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल से मंजूरी लेनी होगी। HDFC Ltd को रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India), सेबी (Sebi), पीएफआरडीए (PFRDA) और कॉम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा, कंपनी को स्टॉक एक्सचेंजेज से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट भी मिल चुके हैं।
इसके अलावा नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने प्रस्तावित मर्जर के लिए मंजूरी हासिल करने के उद्देश्य से शेयरहोल्डर्स की मीटिंग बुलाने को भी मंजूरी दे दी थी। एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक का मर्जर वित्त वर्ष 24 की दूसरी या तीसरी तिमाही में पूरा होने का अनुमान है।
18 लाख करोड़ रुपये होगा प्रस्तावित एंटिटी का एसेट बेस
इस मर्जर को भारत के कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे बड़ा ट्रांजेक्शन बताया जा रहा है। एचडीएफसी बैंक इस साल 4 अप्रैल को 40 अरब डॉलर की डील वैल्यू के साथ सबसे बड़े घरेलू मॉर्टगेज लेंडर के टेकओवर पर सहमत हो गई थी। इसका साथ ही, एचडीएफसी बैंक सबसे बड़ी फाइनेंशियल सर्विस कंपनी बन जाएगी। इस प्रस्तावित एंटिटी का कुल एसेट बेस 18 लाख करोड़ रुपये होगा।
इस डील के प्रभावी होने के साथ, एचडीएफसी बैंक की 41 फीसदी हिस्सेदारी एचडीएफसी के पास होगी। एचडीएफसी के शेयरहोल्डर को हर 25 शेयरों के लिए एचडीएफसी बैंक के 42 शेयर मिलेंगे।