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टॉप लीडरशिप के लिए बड़ा चैलेंज होगा HDFC Bank में HDFC का मर्जर, जानिए क्यों

एचडीएफसी बैंक के चेयरममैन दीपक पारेख ने 4 अप्रैल को कहा था कि एचडीएफसी बैंक ने आरबीआई से थोड़ी रियायत मांगी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बात की उम्मीद कम है कि आरबीआई किसी तरह की रियायत एचडीएफसी बैंक को देगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 21, 2022 पर 6:29 PM
टॉप लीडरशिप के लिए बड़ा चैलेंज होगा HDFC Bank में HDFC का मर्जर, जानिए क्यों
HDFC और HDFC Bank का विलय फिस्कल ईयर 2024 की दूसरी या तीसरी तिमाही तक पूरा हो सकता है।

एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में एचडीएफसी (HDFC Ltd) का मर्जर होने जा रहा है। दोनों कंपनियों के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लेकिन, यह मर्जर टॉप लीडरशिप के लिए बड़ा चैलेंज साबित होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मर्जर में रेगुलेटरी एप्रूवल, डिपॉजिट और टेक्नोलॉजी इंटिग्रेशन सबसे बड़े चैलेंज के रूप में सामने आएंगे।

एचडीएफसी बैंक को रेगुलेटरी रिक्वायरमेंट पूरा करने के लिए अपने डिपॉजिट में बड़ी बढ़ोतरी करनी होगी। उसे कैश रिजर्व रेशियो (CRR), स्टेटुचरी लिक्विडिटी रेशियो (SLR) और प्रायरिटी सेक्टर लोन के स्टैंडर्ड को भी पूरा करना होगा।

एचडीएफसी बैंक के चेयरममैन दीपक पारेख ने 4 अप्रैल को कहा था कि एचडीएफसी बैंक ने आरबीआई से थोड़ी रियायत मांगी है। उन्होंने कहा कि हमने आरबीआई से कहा है कि हमें एसएलआर और सीआरआर के स्टैंडर्ड के पालन के लिए थोड़ा समय दिया जाए। इसके अलावा केंद्रीय बैंक से प्रायरिटी सेक्टर लेंडिंग और कुछ कुछ खास एसेट की ग्रैंडफादरिंग और लायबिलिटीज में भी मदद की उम्मीद है।

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