चेन्नई को पछाड़कर हैदराबाद बना कॉग्निजेंट का सबसे बड़ा ग्लोबल सेंटर, बड़ा कैंपस बनाने का ऐलान

हैदराबाद अब चेन्नई को पछाड़कर कॉग्निजेंट का सबसे बड़ा ग्लोबल सेंटर बन गया है। यह भारत में इस आईटी फर्म के फोकस में अहम बदलाव की तरफ इशारा करता है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि चेन्नई में कॉग्निजेंट के एंप्लॉयीज की संख्या फिलहाल 55,000-56,000 के आसपास है। हालांकि, हैदराबाद में अब कंपनी के एंप्लॉयीज की संख्या बढ़कर 57,000 हो गई है

अपडेटेड Aug 14, 2024 पर 1:18 PM
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कंपनी ने हैदराबाद में और 15,000 सीटें जोड़ने का ऐलान किया है।

हैदराबाद अब चेन्नई को पछाड़कर कॉग्निजेंट का सबसे बड़ा ग्लोबल सेंटर बन गया है। यह भारत में इस आईटी फर्म के फोकस में अहम बदलाव की तरफ इशारा करता है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि चेन्नई में कॉग्निजेंट के एंप्लॉयीज की संख्या फिलहाल 55,000-56,000 के आसपास है। हालांकि, हैदराबाद में अब कंपनी के एंप्लॉयीज की संख्या बढ़कर 57,000 हो गई है और यहां कंपनी के ऑफिस का तेजी से विस्तार हो रहा है। शहर में बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (BPO) की मौजूदगी बढ़ने की वजह से ऐसा हुआ है।

अगली 1 या 2 तिमाही में 1,000 और एंप्लॉयीज हैदराबाद शिफ्ट हो सकते हैं। कॉग्निजेंट ने 10 लाख वर्ग फुट के कैंपस की आधारशिला रखने का फैसला किया है। कंपनी ने हैदराबाद में और 15,000 सीटें जोड़ने का ऐलान किया है। ऐसे में निश्चित तौर पर कंपनी का हैदराबाद ऑफिस एंप्लॉयीज की संख्या के मामले में चेन्नई से आगे निकल जाएगा। इस सिलसिले में मनीकंट्रोल को भेजे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला।

बदलाव की बयार


तेलंगाना के स्पेशल चीफ सेक्रेटरी, इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट जयेश रंजन का कहना है कि चन्नई वाकई में आईटी कंपनियों के लिए आकर्षक ठिकाना है, लेकिन यह स्थिति धीरे-धीरे बदल रही है। उन्होंने कहा, 'हैदराबाद के इंफ्रॉस्ट्रक्चर में सुधार हो रहा है, स्किल डिवेलपमेंट पर फोकस है और यह शहर मल्टीनेशनल कंपनियों का स्वागत करने में काफी आगे है। चेन्नई की तरफ से इस तरह की पहल नहीं देखने को मिल रही है। अगर आने वाले दिनों में हैदराबाद कॉग्निजेंट का दुनिया का सबसे बड़ा सेंटर बन जाता है, तो इसमें किसी को हैरानी नहीं चाहिए।'

स्टाफिंग स्पेशलिस्ट फर्म Xpheno के को-फाउंडर कमल कारंत ने कहा, 'रोजगार ढूंढ़ने वाले अन्य राज्यों के 18 लाख लोगों की पसंद हैदराबाद है। यह शहर आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियों के विस्तार के लिए तैयार है।'

नया सेंटर

मार्केट रिसर्च फर्म डन एंड ब्रैडस्ट्रीट (Dun & Bradstreet) ने 1994 में अपने इन-हाउस टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए बेंगलुरु के बजाय चेन्नई को तरजीह दी थी। जाहिर तौर पर उस समय टेक्नोलॉजी सर्विसेज हब के तौर पर चेन्नई में ज्यादा संभावना नजर आ रही थी। तकरीबन तीन दशक तक चेन्नई कॉग्निजेंट के लिए आकर्षक ठिकाना बना रहा और इसके एंप्लॉयीज की संख्या 1994 में 0 थी, जो 2022 के मध्य तक बढ़कर 65,000 हो गई।

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