वित्तीय संकट में फंसी और दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज (Jet Airways) अब फिर से आसमान में उड़ान भरने को तैयार है, लेकिन इसके क्रेडिटर्स यानी इसे कर्ज देने वाले बैंकों को करारा झटका लगा है। उन्हें अपने बकाये कर्ज का केवल 5% मिलने की संभावना है।
दरअसल, बैंकरप्सी ट्रिब्यूनल के मुकाबिक, बंद पड़े Jet Airways के नए मालिकों मुरारी लाल जालान (Murari Lal Jalan) और कालरोक कैपिटल मैनेजमेंट (Kalrock Capital Management) ने एयरलाइंस के रेजोल्यूशन प्लान के तहत लेंडर्स के लिए केवल 380 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है, जबकि बैंकों का Jet Airways पर कुल बकाया 7,810 करोड़ रुपये है।
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यानी Jet Airways के नए मालिक बैंकों को 7,810 करोड़ रुपये के कर्ज के एवज में केवल 380 करोड़ रुपये देंगे। इस रेजोल्यूशन प्लान के मुताबिक, लेंडर्स को 6 महीने के अंदर 190 करोड़ रुपये अपफ्रंट कैश के रूप में मिलेंगे। बाकी रकम उन्हें जीरो कूपन बॉन्ड के जरिये मिलेगा।
Jet Airways के नए मालिकों ने कंपनी के फाइनेंशियल क्रेडिटर्स को Jet Airways में 9.5% हिस्सेदारी और कंपनी के लॉयल्टी और रिवॉर्ड मैनेजमेंट कंपनी Jet Privilege में 7.5% इंटरेस्ट देने का प्रस्ताव रखा है। इस रेजोल्यूशन प्लान के मुताबिक Jet Airways को खरीदने के लिए सफल बोली लगाने वाला जालान कालरॉक समूह एयरलाइन में 1,375 करोड़ रुपये की नकद राशि डालेगा।
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जिसमें से कैपिटल एक्सपेंडिचर पर 900 करोड़ रुपये खर्च होगा। आपको बता दें कि NCLT ने 22 जून को जेट एयरवेज को खरीदने के लिए कालरॉक समूह के रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी थी। जेट एयरवेज जून 2019 से दिवाला समाधान प्रक्रिया से गुजर रही है। एयरलाइन ने अप्रैल 2019 में उड़ान परिचालन बंद कर दिया था।
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