बायोफार्मास्युटिकल कंपनी भारत सीरम्स एंड वैक्सीन्स (BSV) को खरीदने की रेस में घरेलू दवा कंपनी मैनकाइंड फार्मा सबसे आगे चल रही है। भारत सिरम्स एंड वैक्सीन्स में प्राइवेट इक्विटी फर्म एडवेंट इंटरनेशनल की बड़ी हिस्सेदारी है। BSV के लिए बाध्यकारी बिड सौंपे जाने के बाद मैनकाइंड फार्मा (Mankind Pharma) इस डील की सबसे प्रमुख दावेदार के तौर पर उभरकर सामने आई है।
स्वीडन की प्राइवेट इक्विटी कंपनी EQT और मिडिल ईस्ट इनवेस्टर ADIA (अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी) का कंसोर्शियम इस डील की रेस में दूसरा दावेदार है। इसके तहत BSV की वैल्यूएशन 1.5 अरब से 2 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। एक सूत्र ने बताया, ' इस डील की रेस में फिलहाल मैनकाइंड फार्मा सबसे आगे चल रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि एक्सक्लूसिविटी पैक्ट (विशिष्टता समझौता) पर हस्ताक्षर हुए हैं या नहीं। डील की मंजूरी की समयसीमा के साथ-साथ बिड वैल्यू और टैक्सेशन जैसी फैक्टर्स अहम भूमिका निभा सकते हैं। घरेलू कंपनी होने की वजह से मैनकाइंड फार्मा एक बार में 100 पर्सेंट हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर सकती है, जबकि फॉरेन कंपनी को 74 पर्सेंट स्टेक के बाद सरकार से मंजूरी लेनी होगी।'
एक दूसरे सूत्र का कहना था कि प्रस्तावित सौदे पर जल्द हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इस सिलसिले में मैनकाइंड फार्मा और एडवेंट इंटरनेशनल ने मनीकंट्रोल की तरफ से भेजी गई ईमेल पर कुछ भी कहने से मना कर दिया। मनीकंट्रोल (Moneycontrol) ने सबसे पहले BSV की बिक्री की योजनाओं और सलाहकार नियुक्त किए जाने के बारे में दिसंबर में खबर दी थी।
बाद में यानी 3 जुलाई को मनीकंट्रोल ने यह भी खबर दी थी कि EQT-ADIA का कंसोर्शियम और मैनकाइंड फार्मा इस डील के लिए प्रमुख दावेदार हैं। इससे पहले मैनकाइंड फार्मा ने मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनी हेल्दियम मेडटेक (Healthium Medtech) के लिए बिड की थी, लेकिन ऑक्शन प्रोसेस में KKR ने बाजी मार ली। पिछले एक साल में कंपनीके शेयरों में 11.5 पर्सेंट की बढ़त रही है।