सस्ती और छोटी कारों की मांग कभी कम नहीं हो सकती, मारुति के चेयरमैन आरसी भार्गव ने बताया क्यों फिर बढ़ेगी डिमांड

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर. सी. भार्गव का कहना है कि छोटी कारों पर कंपनी का फोकस बना रहेगा और मांग में किसी तरह की सुस्ती से उसकी रणनीति में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। भार्गव ने कहा, 'हमारा मानना है कि मौजूदा आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों में कम कीमत वाली छोटी कारें जरूरी हैं। मांग में तात्कालिक गिरावट से हमारी रणनीति में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा'

अपडेटेड Aug 27, 2024 पर 4:29 PM
मारुति के इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लान के बारे में भार्गव ने कहा कि कंपनी का पहला इलेक्ट्रिक व्हीकल अगले कुछ महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा।

भले ही बड़ी और लंबी कार खरीदने का शौक बढ़ता जा रहा हो लेकिन छोटी कारों का क्रेज और डिमांड कभी कम नहीं हो सकता। यह कहना है मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव का। मारुति अपनी छोटी कारों के लिए जानी जाती है और इसीलिए भार्गव ने एकबार फिर दोहराया कि सस्ती-छोटी कार पर उनका फोकस बरकरार रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर डिमांड में कभी कभार कोई कमी आ भी जाती है तो इससे उनकी रणनीति पर कोई असर नहीं होगा।

भार्गव ने कहा, 'हमारा मानना है कि मौजूदा आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों में कम कीमत वाली छोटी कारें जरूरी हैं। मांग में तात्कालिक गिरावट से हमारी रणनीति में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। हमें पूरा भरोसा है कि ग्रामीण बाजार में मांग फिर से तेज होगी और कई स्कूटर मालिक खुद को छोटी कारों के जरिये अपग्रेड करेंगे।'

कार कंपनी ने 125 रुपय प्रति शेयर के रिकॉर्ड डिविडेंड का प्रस्ताव किया है। मारुति के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 कंपनी के लिए सबसे बेहतरीन साल रहा।


इलेक्ट्रिक व्हीकल का क्या है प्लान

मारुति के इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लान के बारे में भार्गव ने कहा कि कंपनी का पहला इलेक्ट्रिक व्हीकल अगले कुछ महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा और इसे ग्लोबल मार्केट्स में एक्सपोर्ट किया जाएगा। कार कंपनी का मकसद 2030 तक अपने प्रोडक्शन का 20 पर्सेंट हिस्सा एक्सपोर्ट करना है। भार्गव ने एक बार फिर दोहराया कि मारुति अपनी हाइब्रिड कारों के जरिये फ्यूल कॉस्ट और इमिशन को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है और कंपनी इस पर बड़ा दांव लगा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार

मारुति ने निवेशकों को यह भी बताया कि आने वाले समय में कंपनी छोटे शहरों में अपने नेटवर्क का विस्तार करेगी। भार्गव ने कहा, ' छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में हम अपनी सेल्स और सर्विस नेटवर्क को और मजबूत करेंगे, ताकि हमारा फायदा बड़े शहरों के लोगों तक सीमित न रह जाए। 10 लाख यूनिट के विस्तार के लिए नई साइट तय करने में थोड़ी सी देरी हुई है। हम इस मामले में जल्द फैसला करने के लिए हरमुमकिन कोशिश कर रहे हैं।'

इन्वेंट्री को खत्म करना

कंपनी गाड़ियों के स्टॉक को कत्म करने के लिए भी उपाय कर रही है। मारुति के चेयरमैन ने आश्वासन दिया कि कंपनी का स्टॉक लेवल हमेशा 38-40 दिनों के स्तर पर होता है और यह फेस्टिव सीजन तक इन्वेंट्री को खत्म करने की तैयारी कर रही है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) ने इस महीने के शुरू में दावा किया था कि जुलाई में व्हीकल इन्वेंट्री का लेवल बढ़कर 65-67 दिन हो गया था, जबकि अगस्त में बढ़कर 70-75 दिन हो गया और फिलहाल 73,000 करोड़ से भी ज्यादा की गाड़ियां पेंडिंग हैं।

महिलाओं को तवज्जो

भार्गव ने बताया कि शेयरधारकों की मंजूरी के लिए स्वतंत्र डायरेक्टर के तौर पर दो नाम प्रस्तावित किए गए हैं और दोनों महिलाएं हैं। इसका मकसद कंपनी में लिंगानुपात को बेहतर बनाना है। अब कंपनी के बोर्ड में 3 महिला डायरेक्टर होंगी।

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