नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच ने 30 अगस्त को वायाकॉम19 और स्टार इंडिया की डील को मंजूरी दे दी। इससे पहले कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज और डिज्नी इंडिया की मीडिया एसेट्स के विलय को मंजूरी दी थी। इस विलय से देश की सबसे बड़ी मीडिया यूनिट बनने का रास्ता साफ हो गया है। इस मीडिया यूनिट की वर्थ 70,000 करोड़ रुपये हो सकती है।
NCLT ने अपने आदेश में कहा, 'वायाकॉम18, RIL ग्रुप के मीडिया ऑपरेशंस की होल्डिंग कंपनी बनी रहेगी। इसके तह रिलायंस की मीडिया ऑपरेशंस अंडरटेकिंग और जियो सिनेमा अंडरटेकिंग अब वायकॉम 18 WOS को ट्रांसफर की जाएगी। साथ ही, Viacom18 की अंडरटेकिंग को स्टार इंडिया के बिजनेस के साथ मिलाया जाएगा।' NCLT के मुताबिक, ' प्रस्तावित डील से कॉस्ट में कटौती होगी और वायाकॉम18, RIL ग्रुप और डिज्नी ग्रुप की वैल्यू बेहतर होगी। मौजूदा सामाग्री के रिकॉर्ड के आधार पर यह स्कीम उचित जान पड़ती है और इसमें कानून का उल्लंघन नहीं है।'
रिलायंस इंडस्ट्रीज की यूनिट वायाकॉम18 और डिज्नी के स्टार इंडिया ने फरवरी में अपने मीडिया बिजनेस के विलय का ऐलान किया था। इसका मकसद भारत की सबसे बड़ी टीवी और डिजिटल इकाई बनाने के मकसद से यह ऐलान किया गया था।
डिस्क्लेमर: नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है।