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Yes Bank के बॉन्ड्स में निवेश कर मुसीबत में फंसी निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, जानिए क्या है मामला

यस बैंक के पूर्व प्रमोटर राणा कपूर का घोटाला सामने आने के बाद यस बैंक डूबने के कगार पर पहुंच गया। तब बैंक को डूबने से बचाने के लिए आरबीआई को आगे आना पड़ा। उसने यस बैंक की रिस्ट्रक्चरिंग का प्लान पेश किया। इसके तहत उसने यस बैंक के 8,415 करोड़ रुपये मूल्य के AT-1 Bonds को राइट-ऑफ कर दिया

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 20, 2022 पर 12:05 PM
Yes Bank के बॉन्ड्स में निवेश कर मुसीबत में फंसी निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, जानिए क्या है मामला
यस बैंक के बॉन्ड को राइट-ऑफ करने के आरबीआई के फैसले ने निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड दूसरे इनवेस्टर्स को भी चौंकाया। इसकी वजह यह है कि किसी कंपनी के दिवालिया होने पर बॉन्ड में पैसे लगाने वाले इनवेस्टर्स को कंपनी के शेयरहोल्डर्स के मुकाबले प्रायरिटी दी जाती है।

निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड (Nippon India Mutual Fund) यस बैंक (Yes Bank) के एडिशनल टियर 1 बॉन्ड्स में इनवेस्ट कर मुसीबत में फंस गई है। सेबी (SEBI) यस बैंक के इन बॉन्ड्स में निप्पॉन इंडिया के इनवेस्ट करने के फैसले की जांच कर रहा है। उधर, RBI ने मार्च 2020 में यस बैंक के बॉन्ड्स को राइट ऑफ (बट्टा खाता) करने का आदेश दिया था।

सबसे पहले आपको बता दें कि निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड का नाम पहले रिलायंस म्यूचुअल फंड था। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला।

कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने किया था यस बैंक के बॉन्ड में इनवेस्ट

यस बैंक ने एडिशनल टियर 1 बॉन्ड के जरिए करीब 2000 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस बॉन्ड्स में म्यूचुअल फंड कंपनियों सहित संस्थागत निवेशकों ने इनवेस्ट किया था। इनमें निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, फ्रैंकलिन टेंपलटन इंडिया, बार्कलेज और कोटक म्यूचुअल फंड शामिल हैं। कुल इनवेस्टमेंट में निप्पॉन की करीब 20 फीसदी हिस्सेदारी थी।

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