Numaligarh Refinery के MD ने कहा, अगले दो साल में IPO ला सकती है कंपनी

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (भास्कर ज्योति फुकन ने बताया कि IPO का मकसद नेट-जीरो इमिशन प्लान के लिए वित्तीय मदद हासिल करना है। फुकन ने बताया कि कंपनी ने 2038 तक नेट-जीरो टारगेट हासिल करने के लिए कई प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग की है और इसके तहत 2जी बायो-रिफाइनरी भी स्थापित किया जाएगा। NRL असम में भारत की पहली बायो-रिफाइनरी स्थापित कर रही है, जिसमें बांस को फीडस्टॉक के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा

अपडेटेड Feb 20, 2024 पर 5:10 PM
NRL ने अब तक IPO की बारीकियों पर काम नहीं किया है।

नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) अगले दो साल में IPO ला सकती है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) भास्कर ज्योति फुकन ने मनीकंट्रोल (Moneycontrol) को बताया कि IPO का मकसद नेट-जीरो इमिशन प्लान के लिए वित्तीय मदद हासिल करना है। फुकन ने बताया कि कंपनी ने 2038 तक नेट-जीरो टारगेट हासिल करने के लिए कई प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग की है और इसके तहत 2जी बायो-रिफाइनरी भी स्थापित किया जाएगा। NRL सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) की सब्सिडियरी है।

NRL असम में भारत की पहली बायो-रिफाइनरी स्थापित कर रही है, जिसमें बांस को फीडस्टॉक के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। फुकन ने बताया, ' जब आप नेट जीरो प्लान पर काम करेंगे, तो आपको वित्तीय संसाधनों की भी जरूरत होगी।' असम की इस रिफानरी के बॉस ने बताया कि अगले दो साल में कंपनी के अहम एक्सपैंशन प्रोजेक्ट भी शुरू हो जाएंगे और इसमें भी IPO से मदद मिलेगी।

एक्सपैंशन प्लान के तहत NRL अपनी रिफाइनिंग क्षमता को बढ़ाकर 9 MMTPA (मिलियन मेट्रिक टन सालाना) करेगी, जो फिलहाल 3 MMTPA है। फुकन ने कहा, 'हमारी नई रिफाइनरी तब तक (अगले दो साल में) चालू हो जाएगी। लिहाजा, IPO के लिए यह समय काफी अनुकूल होगा। जब हम ग्रीन प्रोजेक्ट की पहचान कर लेंगे, तो मुझे लगता है कि इस IPO के सब्सक्रिप्शन के जरिये बाजार हमें बेहतर रेस्पॉन्स देगा।'


बहरहाल, NRL ने अब तक IPO की बारीकियों पर काम नहीं किया है, क्योंकि इस सिलसिले में बातचीत अभी शुरुआत दौर में है।

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