टैक्सी एग्रीगेटर ओला ने अपने प्रतिद्वंदी उबर के खिलाफ स्वदेशी का कार्ड चला है। ओला ने कर्नाटक हाईकोर्ट में दो टूक कहा है कि उबर विदेशी कंपनी है और वो भारत के कानून का सम्मान नहीं करती है। ओला के वकील की ओर से कोर्ट में यह जानकारी दी गई कि नियम तय होने के बाद भी ऊबर इन दिनों लगातार गैरकानूनी एक्टिविटी में लगी हुई है। उबर ने कर्नाटक सरकार के नियमों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका भी दायर कर रखी है। इसी बुनियाद पर ओला ने खुद को कानून का पालन करने वाला और उबर को कानून तोड़ने वाला बताया है।
