Get App

पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड का नॉन-फूड बिजनेस खरीदेगी पंतजलि फूड्स, 1100 करोड़ रुपये में हुई डील

पतंजलि फूड्स ने कहा है कि वह पंतजलि आयुर्वेद लिमिटेड (PAL) के सभी नॉन-फूड बिजनेस का अधिग्रहण करेगी। यह सौदा 1,100 करोड़ रुपये में हुआ है। पतंजलि फूड्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 1 जुलाई 2024 को इस बोर्ड की मंजूरी दे दी। हालांकि, इस डील को शेयरहोल्डर्स, लेंडर्स और रेगुलेटरी अथॉरिटीज से भी मंजूरी लेनी होगी। कंपनी के नॉन-फूड बिजनेस का ऑपरेशन हरिद्वार के पतंजलि फूड् हर्बल पार्क के पास मौजूद मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से चलता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 01, 2024 पर 7:36 PM
पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड का नॉन-फूड बिजनेस खरीदेगी पंतजलि फूड्स, 1100 करोड़ रुपये में हुई डील
कंपनी के नॉन-फूड बिजनेस का ऑपरेशन हरिद्वार के पतंजलि फूड् हर्बल पार्क के पास मौजूद मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से चलता है।

पतंजलि फूड्स ने कहा है कि वह पंतजलि आयुर्वेद लिमिटेड (PAL) के सभी नॉन-फूड बिजनेस का अधिग्रहण करेगी। यह सौदा 1,100 करोड़ रुपये में हुआ है। पतंजलि फूड्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 1 जुलाई 2024 को इसकी मंजूरी दे दी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में 1 जुलाई को पतंजलि फूड्स का शेयर 6.78 पर्सेंट की बढ़त के साथ 1,699.35 रुपये पर बंद हुआ।

हालांकि, इस डील को शेयरहोल्डर्स, लेंडर्स और रेगुलेटरी अथॉरिटीज से भी मंजूरी लेनी होगी। इस अधिग्रहण में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड का हेयर केयर, स्किन केयर, डेंटल केयर और होम केयर बिजनेस शामिल हैं। पतंजलि फूड्स इन सेगमेंट्स की सभी एसेट्स और लाइबिलिटीज का अधिग्रहण करेगी।

कंपनी के नॉन-फूड बिजनेस का ऑपरेशन हरिद्वार के पतंजलि फूड् हर्बल पार्क के पास मौजूद मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से चलता है। 31 मार्च 2024 को खत्म वित्त वर्ष में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड का टर्नओवर तकरीबन 6,199 करोड़ रुपये रहा। पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, पतंजलि फूड्स के प्रमोटर्स में शामिल है। इस सौदे में जो अहम शख्स शामिल हैं, उनमें पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड (PAL) के मैनेजिंग डायरेक्टर राम भरत और पंतजलि फूड्स के चेयरैमन आचार्य बालकृष्ण शामिल हैं।

यह अधिग्रहण फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) इंडस्ट्री के दायरे में आता है और इसका मकसद पतंजलि फूड्स के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार करना है। इस ट्रांजैक्शन को कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) और शेयरधारकों से भी मंजूरी हासिल करनी होगी। अधिग्रहण की प्रभावी तारीख इन मंजूरियों पर ही निर्भर करेगी।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें