ग्रीन हाइड्रोजन इंसेंटिव के दूसरे दौर की बिडिंग में रिलायंस, एलएंडटी समेत कई कंपनियां शामिल हुईं

रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), एलएंडटी लिमिटेड (L&T Ltd), रिन्यू (ReNew) और वॉरी (Waaree) समेत 14 कंपनियों ने भारत के नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के तहत इंसेंटिव के लिए बिड किया है। यह लिस्ट भारत में ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार के दूसरे दौर के इंसेंटिव के लिए है। बिड्स को सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) ने खोला और 9 दिसंबर की शाम को इसे रिलीज कर दिया गया

अपडेटेड Dec 09, 2024 पर 10:22 PM
ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन की दूसरी खेप के इंसेंटिव के विजेताओं की आखिरी सूची का ऐलान जनवरी 2025 तक किए जाने की उम्मीद है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), एलएंडटी लिमिटेड (L&T Ltd), रिन्यू (ReNew) और वॉरी (Waaree) समेत 14 कंपनियों ने भारत के नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (NGHM) के तहत इंसेंटिव के लिए बिड किया है। यह लिस्ट भारत में ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार के दूसरे दौर के इंसेंटिव के लिए है।

बिड्स को सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) ने खोला और 9 दिसंबर की शाम को इसे रिलीज कर दिया गया। SECI ने इस साल 11 जुलाई को ग्रीन हाइड्रोजन इंसेंटिव की दूसरी खेप के लिए टेंडर जारी किया था। बाकी जिन कंपनियों ने दूसरे खेप के तहत इंसेंटिव के लिए बिड किया है, उनमें एएम ग्रीन अमोनिया (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, केमसेप्ट इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, अवादा ग्रीनएच2 प्राइवेट लिमिटेड, जीएच2 सोलर प्राइवेट लिमिटेड, ग्रीन इंफ्रा रिन्यूएबल एनर्जी फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड, मैट्रिक्स गैस एंड रिन्यूएबल लिमिटेड, निशाल एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, ओरियाना पावर लिमिटेड आदि शामिल हैं।

ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन की दूसरी खेप के इंसेंटिव के विजेताओं की आखिरी सूची का ऐलान जनवरी 2025 तक किए जाने की उम्मीद है। सरकार ने पहली खेप के लिए इंसेंटिव की सीमा (प्रोडक्शन के पहले साल में) 50 रुपये प्रति किलो, 40 रुपये प्रति किलो (दूसरे साल में) और 30 रुपये प्रति किलो (तीसरे साल में) है। SECI ने इस साल जनवरी में इंसेंटिव के पहले खेप के विजेताओं की सूची जारी की थी और विजेताओं में रिलायंस ग्रीन हाइड्रोजन एंड ग्रीन केमिकलस लिमिटेड, ACME क्लीनटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, ग्रीनको जेरोक प्राइवेट लिमिटेड, टॉरेंट पावर, एचएचपी टू प्राइवेट लिमिटेड, वेलस्पन न्यू एनर्जी, CESC प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, UPL लिमिटेड और जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी लिमिटेड शामिल हैं।


सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक, कंपनियां एक मोड में ग्रीन हाइड्रोडन प्रोडक्शन के लिए दो बार बिड कर सकती हैं। हालांकि, दो अलग-अलग मोड में यह लागू नहीं किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 ग्रुप का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।