रिलायंस इंडस्ट्रीज की 47वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के दौरान कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी के भाषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस छाया रहा। उन्होंने बताया कि किस तरह से कंपनी की इंटरनेट और टेलीकॉम इकाई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है और विकास की तरफ आगे बढ़ रही है।
अंबानी ने शेयरहोल्डर्स को अपने संबोधन में कहा, 'हम जो कुछ भी करते हैं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उसका अटूट हिस्सा बन चुका है।' उनका यह बयान रिलायंस इंडस्ट्रीज के उस लक्ष्य से मिलता-जुलता है, जिसके तहत कंपनी ने ब्रॉडबैंड एक्सपैंशन की तरह ही पूरे भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पहुंच सुनिश्चित करने की बात कही है। उन्होंने कहा, 'हम अपने सभी प्रोसेस और ऑफर में AI को शामिल कर रहे हैं। इससे हमें इंटरनल यूजर्स और कस्टमर्स, दोनों को ज्यादा स्मार्ट और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।'
जियो बिजनेस के अलग-अलग पहलुओं को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा ले रही है और जियो ब्रेन (Jio Brain) के नाम से टूल्स और प्लेटफॉर्म का व्यापक सिस्टम तैयार कर रही है। इस पहल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने की प्रक्रिया तेज करना, वर्कफ्लो को दुरुस्त करना और कस्टमर सर्विस में सुधार जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
रिलायंस, जियो ब्रेन (Jio Brain) बनाने पर काम कर रही है, ताकि ग्रुप की कंपनियों को अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की यात्रा को रफ्तार देने में मदद मिल सके। अंबानी ने कहा, 'मेरा मानना है कि रिलायंस के अंदर जियो ब्रेन को बेहतर बनाकर हम मजबूत AI सर्विस प्लेटफॉर्म बनाएंगे और इसकी पेशकश हम बाकी एंटरप्राइजेज को कर सकते हैं।'
इसके अलावा, मुकेश अंबानी ने कई सेक्टरों में बड़े बदलाव के लिए भी AI की भूमिका पर जोर दिया। यहां हम आपको बता रहे हैं कि उन्होंने इस सिलसिले में क्या कहा:
कृषि: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसोर्स मैनेजमेंट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर खेती में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा और फसलों की उपज बढ़ाने में भी मदद करेगा। साथ ही, AI टूल्स के जरिये खेती बेहतर हो सकेगी, मसलन मौसम की ठीक-ठीक भविष्यवाणी और कीटों के नियंत्रण में मदद मिलेगी।
एजुकेशन: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखने के अनुभव को बेहतर बनाएगा और देश भर यानी दूर-दराज के स्टूडेंट्स के लिए भी बेहतर क्वॉलिटी वाली शिक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
हेल्थकेयर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से रोगों की पहचान में ज्यादा सटीक सिस्टम तैयार करने में मदद मिलेगी और इससे इलाज की प्रणाली को भी बेहतर बनाया जा सकेगा। AI आधारित टूल्स की उपलब्धता बढ़ने से यह मुमकिन होगा।
छोटे उद्यम: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोजमर्रा के कार्यों के लिए ऑटोमैटिक सिस्टम तैयार कर छोटे उद्यमों को बेहतर और मजबूत बनाएगा। यह टेक्नोलॉजी छोटे उद्यमियों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद करेगी।
डिस्क्लोजर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 ग्रुप का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।