बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर SBI ने MTNL के लोन अकाउंट को NPA घोषित किया

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने MTNL के टर्म लोन को डाउनग्रेड कर NPA कर दिया है। बैंक ने ब्याज और किस्त का भुगतान नहीं करने को लेकर यह कार्रवाई की है। यह डाउनग्रेड 28 सितंबर से प्रभावी हुआ है। MTNL ने इस मामले से जुड़ी SBI की चिट्ठी को साझा किया है। चिट्ठी में कहा गया है कि 30 सितंबर 2024 के मुताबिक खाते में कुल बकाया रकम 325.52 करोड़ रुपये है, जबकि इस अकाउंट को रेगुलराइज करने के लिए तत्काल 281.62 करोड़ रुपये की जरूरत है

अपडेटेड Oct 04, 2024 पर 9:02 PM
सामूहिक तौर पर बैंकों का MTNL पर 7,925 करोड़ रुपये बकाया है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने MTNL के टर्म लोन को डाउनग्रेड कर NPA कर दिया है। बैंक ने ब्याज और किस्त का भुगतान नहीं करने को लेकर यह कार्रवाई की है। यह डाउनग्रेड 28 सितंबर से प्रभावी हुआ है। MTNL ने इस मामले से जुड़ी SBI की चिट्ठी को साझा किया है। चिट्ठी में कहा गया है कि 30 सितंबर 2024 के मुताबिक खाते में कुल बकाया रकम 325.52 करोड़ रुपये है, जबकि इस अकाउंट को रेगुलराइज करने के लिए तत्काल 281.62 करोड़ रुपये की जरूरत है। चिट्ठी के मुताबिक, 'इस राशि का तत्काल भुगतान करने की जरूरत है।'

SBI ने टेलीकॉम कंपनी को लिखी चिट्ठी में कहा है, 'चूंकि भुगतान के लिए तय तारीख के बाद 90 दिन बीत चुके हैं, लिहाजा 28 सितंबर 2024 से अकाउंट को एनपीए सब स्टैंडर्ड कैटेगरी में डाल दिया गया है।' बैंक ने उन खबरों को लेकर MTNL से भी स्पष्टीकरण मांगा है जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार MTNL की बकाया राशि का भुगतान करेगी, जबकि टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने कहा है कि इस मामले में डिफॉल्ट नहीं होगा।

SBI ने 1 अक्टूबर को लिखी चिट्ठी में कहा है, 'मीडिया में छपी इन खबरों के मद्देनजर हम टर्म लोन की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हैं।' बैंक ने कंपनी के लैंड मॉनेटाइजेशन प्लान के मौजूदा स्टेटस को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा है। MTNL ने हाल में NBCC के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत नई दिल्ली में 13.88 एकड़ जमीन पर रिहायशी और कमर्शियल प्रॉपर्टी डिवेलप किए जाने की बात है। बैंक ने MoU के बारे में भी ब्यौरा मांगा है और यह भी पूछा है कि क्या इन प्रोजेक्ट्स से हासिल रकम का इस्तेमाल बकाया राशि का भुगतान करने में किया जाएगा।


SBI ने अपनी चिट्ठी में कहा है, 'ऊपर बताई गई अवधि में पेमेंट डिफॉल्ट होने पर बैंक लोन और ब्याज की रिकवरी के लिए कानूनी कार्यवाही करने पर मजबूर होगा और अपने पास उपलब्ध कई अन्य विकल्पों का भी इस्तेमाल कर सकता है।' पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया जैसे बाकी लेंडर्स पहले ही MTNL के खाते को NPA घोषित कर चुके हैं। सामूहिक तौर पर बैंकों का MTNL पर 7,925 करोड़ रुपये बकाया है।

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