शापूरजी पालोनजी (SP) ग्रुप को 1,800 करोड़ के ब्याज का भुगतान टालने के लिए लेंडर्स से मंजूरी मिल गई है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने यह जानकारी दी है। यह ब्याज 14,300 करोड़ रुपये के नॉन-कन्वर्बिटल डिबेंचर (NCD) पर बकाया है, जिसकी बिक्री पिछले साल 31 दिसंबर को की गई थी। ब्याज की रकम का भुगतान 30 सितंबर को किया जाना था।
सूत्रों ने नाम जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर बताया कि ब्याज का भुगतान टालने के लिए लेंडर्स से पिछले हफ्ते मंजूरी मिली थी। शापूरजी पालोनजी ग्रुप की इकाई गोस्वामी इंफ्राटेक ने पिछले साल जून में निवेशकों के एक ग्रुप से जीरो कूपन वाले NCDs के जरिये 14,300 करोड़ रुपये जुटाए थे। इन निवेशकों में सेरबरस कैपिटल, वर्दे पार्टनर्स, कैन्यॉन कैपिटल, डेविड्सन केंपनर के अलावा मौजूदा लेंडर्स डोएचे बैंक, इडलवाइस स्पेशल ऑपर्चूनिटीज फंड आदि शामिल हैं।
शापूरजी पालोनजी ग्रुप को इन NCDs पर 30 सितंबर तक तकरीबन 1,800 करोड़ का भुगतान करना था। मनीकंट्रोल ने 19 सितंबर को खबर दी थी कि शापूरजी पालोनजी ग्रुप ब्याज के भुगतान के लिए अपने लेंडर्स से तकरीबन 2,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बातचीत कर रहा है, ताकि ब्याज का भुगतान टालने की मंजूरी नहीं मिलने पर वह इस रकम का जुगाड़ कर सके।
भुगतान की समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध इसलिए जरूरी हो गया था, क्योंकि ग्रुप की कुछ संपत्तियों की बिक्री मसलन गोपालपुर पोर्ट की बिक्री और ग्रुप कंपनी एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चरिंग के IPO में अनुमान से ज्यादा समय लग रहा है। शापूरजी ने जनवरी में धर्मतर पोर्ट की बिक्री JSW ग्रुप को की थी और इसकी बिक्री से हासिल 250 करोड़ रुपये का भुगतान NCD के धारकों को किया गया।