देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू की गई फ्लैगशिप स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम (Startup India program) ने पिछले 5 साल में करीब 5.5 लाख जॉब्स क्रिएट किए हैं। साथ ही इस दौरान डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने 50,000 से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता दी है।

स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम के आंकड़ों के मुताबिक, इनमें से 19,896 स्टार्टअप्स को 1 अप्रैल, 2020 के बाद मान्यता मिली है। इस स्कीम को पीएम मोदी ने 16 जनवरी, 2016 को लॉन्च का था। इसके तहत स्टार्टअप्स को रजिस्ट्रेशन में सहूलियत के साथ इनकम टैक्स में छूट, पेटेंट फाइल करने में रिबेट, सस्ता कर्ज और कंपनी को करने में आसानी सहित और भी कई फायदे मिलते हैं।

मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कहा कि इन 5 सालों में 48,093 स्टार्टअप्स ने 5,49,842 लोगों नौकरियां दीं। इन स्टार्टअप्स में जॉब करने वाले लोगों की औसत संख्या 11 है। मंत्रालय ने कहा कि FY21 में अकेले इन मान्यताप्राप्त स्टार्टअप्स में 1.70 लाख जॉब्स क्रिएट हुए हैं।

आपको बता दें कि भारत में सबसे अधिक स्टार्टअप्स फूड प्रोसेसिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, एप्लीकेशन मैनेजमेंट (Apps Management), IT कंसल्टिंग और बिजनेस सपोर्ट सर्विस के क्षेत्र में रजिस्टर्ड हैं। मंत्रालय ने कहा कि मान्यता प्राप्त स्टार्टअप का विस्तार अब 623 जिलों तक हो गया है।

मंत्रालय ने कहा कि इस समय हरेक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में कम से कम एक स्टार्टअप है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुजरात में स्टार्टअप्स की संख्या सबसे ज्यादा है। पिछले साल 10,000 स्टार्टअप जोड़ने में केवल 180 दिन लगे, जबकि 2016-17 में 808 दिन में 10,000 स्टार्टअप जुड़ पाए थे।

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